Mohan Bhagwat

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने गुरुवार को कस्तूरबा गांधी मार्ग मस्जिद में मुख्य इमाम डॉ. इमाम अहमद इलियासी और अन्य मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की और उनका हाल जाना. इस मुलाकात के बाद सियासत भी तेज हो गई है. कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि यह राहुल गांधी की यात्रा का असर है. मोहन भागवत आजाद बाजार के मदरसे भी पहुंचे. वहां पर उन्होंने मदरसा के बच्चों से मुलाकात की.

मोहन भागवत ने मदरसा के बच्चों से पूछा कि वह क्या पढ़ते हैं? भागवत बच्चों से काफी देर तक बातचीत करते रहे. शायद यह पहली बार है जब मोहन भागवत में अचानक किसी मदरसे का दौरा किया है. मदरसे में मुलाकात के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंद्रेश कुमार ने बताया कि यह एक प्रयत्न है. 70 साल से तो लड़वा ही रहे हैं. जोड़ने वाले लोग ताकत से लड़ेंगे तो बांटने वाले कमजोर होंगे.

मोहन भागवत ने बच्चों से जय हिंद के नारे भी लगवाए. इलियासी ने मदरसों के सर्वे को लेकर मदनी का जिक्र करते हुए कहा कि जो सर्वे हो रहा है वह ठीक है. मदरसों का सर्वे हो, आधुनिक तालीम दी जाए. 15 अगस्त 26 जनवरी का कार्यक्रम देश की आन बान शान बन जाए. फतवे की दुनिया को अब मुस्लिम रिजेक्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ओवैसी पीएफआई को मुस्लिम समाज खारिज कर रहा है.

आपको बता दें कि मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख की यह बैठक आधे घंटे की निर्धारित थी. लेकिन यह 75 मिनट तक चली. यह बैठक संघ के दिल्ली स्थित कार्यालय उदासीन आश्रम में 1 महीने पहले हुई. इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा और भी संघ के पदाधिकारी मौजूद थे. आरएसएस के प्रचारक सुनील अंबेडकर ने बैठक पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया है.

दूसरी तरफ तमाम राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और संघ में मुस्लिम समुदाय को लेकर बेचैनी बढ़ रही है. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं और हर समुदाय का उनको समर्थन मिल रहा है और उनकी इस यात्रा में उमड़ रही भीड़ को देखकर कहीं न कहीं बीजेपी और संघ का नेतृत्व परेशान नजर आ रहा है. राहुल गांधी समय-समय पर बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर हमले करते रहते हैं.

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