Arvind Kejriwal Sonia Gandhi

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से बाहर पंजाब में पैर फैलाया. इसके बाद उनकी पार्टी पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह दिल्ली और पंजाब की जनता का पैसा दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी के प्रचार में लगा रहे हैं. इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल गुजरात में अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं और वह दावा कर रहे हैं कि गुजरात में उनकी पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और उनकी पार्टी बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देगी. जबकि कांग्रेस को वह बीजेपी के सामने कोई चुनौती नहीं मान रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के कुछ नेता गुजरात में धुआंधार चुनाव प्रचार कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की जनता से कई तरह के वादे भी किए हैं. इसी कड़ी में उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है, जिसकी काफी आलोचना हो रही है. अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि मोदी के बाद बीजेपी सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बना सकती है. हालांकि केजरीवाल का यह बचकाना बयान उनकी गंभीरता को कम कर रहा है.

अरविंद केजरीवाल द्वारा गुजरात में दिए गए सोनिया गांधी को लेकर बयान की राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों के बीच और सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है. कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल अब घटिया स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं. अरविंद केजरीवाल उस सोनिया गांधी पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिन्होंने दो-दो बार प्रधानमंत्री पद ठुकरा दिया. अरविंद केजरीवाल के बयान पर कांग्रेस की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है.

कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट किया है कि, बौरा गए हैं केजरीवाल जी. सोनिया गांधी जी चाहतीं तो दो बार इस देश की प्रधानमंत्री बन सकती थीं. पर सिद्धांतों का समझौता कर सत्ता के लालची, आप जैसे लोग यह बात नहीं समझ सकते. बाक़ी, अच्छे डाक्टर को दिखाईए, बीमारी गम्भीर लगती है.

आपको बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव बस कुछ ही महीनों बाद होने हैं. इसको लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी सिलसिले में अरविंद केजरीवाल लगातार गुजरात का दौरा कर रहे हैं और गुजरात दौरे पर वह कई ऐसे बयान दे रहे हैं, जिसकी काफी आलोचना हो रही है. गुजरात दौरे पर उनसे दिल्ली और पंजाब की जनता को लेकर सवाल किए जा रहे हैं वहां किए गए वादों को लेकर सवाल किए जा रहे हैं.

इसके अलावा अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर एक और आरोप काफी लग रहा है. उन्होंने बिलकिस बानो के मामले पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया. इस मुद्दे पर बुद्धिजीवी वर्ग और कई पत्रकारों का कहना है कि वह मुसलमानों के मुद्दे पर बोलने से बचते हैं और ऐसा इसलिए करते हैं कि मुस्लिम वोट बैंक विकल्प के रूप में उन्हें जरूर चुनेगा, लेकिन अगर मुस्लिम वोट बैंक के साथ वह खड़े होते हैं तो कहीं ना कहीं हिंदू वोट बैंक उनसे छिटक सकता है, जो बीजेपी से नाराज हैं.

पिछले दिनों खबर आई थी कि पंजाब में कुछ विभागों के सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, जबकि पंजाब की सरकार गुजरात में पार्टी के प्रचार में खूब पैसा लगा रही है. इसको लेकर भी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की खूब आलोचना हुई है. लेकिन पार्टी इन बातों से बेपरवाह है और गुजरात में चुनाव जीतने का दावा कर रही है. हालांकि गुजरात में पिछले विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को 0.1% वोट मिला था और प्रचार इसी तरीके से किया गया था.

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को गुजरात में कितनी सफलता मिलती है या फिर उनके वोट बैंक में कितना इजाफा होता है या फिर जितना पिछली बार मिला था उससे भी कम हो जाता है, यह सब कुछ नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा. लेकिन प्रचार और बयानबाजी में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. अरविंद केजरीवाल की ऑटो रिक्शा पॉलिटिक्स भी चर्चाओं में है.

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