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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होने हैं. हालांकि चुनाव से पहले पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की इच्छा है कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष का पद संभाले. फिलहाल राहुल गांधी इस पद को स्वीकार करने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं. इस बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बुधवार को कहा कि मुमकिन है कि पार्टी की कुछ राज्य इकाइयां गांधी परिवार के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए एक रिजॉल्‍यूशन पास करने की तैयारी में है.

आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि अध्यक्ष के रूप में किसी व्यक्ति का सर्वसम्मति से चुना जाना तय करने के लिए एक राय पर पहुंचना जरूरी है. ऐसा ना होने की स्थिति में चुनाव होगा. वही पार्टी के नेता मधुसूदन मिस्त्री ने पार्टी की रिटर्निंग ऑफिसर को 20 सितंबर से पहले राज्य कांग्रेस अध्यक्षों के चुनावी प्रक्रिया की गति बढ़ाने के लिए कहा है.

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए लंबे समय से मंथन चल रहा है. लेकिन अभी किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई है. क्योंकि गांधी परिवार अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि कुछ पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि सोनिया गांधी से भी इस पद पर बने रहने का आग्रह किया जा सकता है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक इसकी उम्मीद कम है कि सोनिया गांधी ही इस पद पर बने रहें या फिर इसके लिए तैयार हो जाएं.

इन सबके बीच पार्टी को गोवा में एक बार फिर से झटका लगा है. पार्टी के कुछ विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है और यह ऐसे वक्त पर हुआ है जिस वक्त राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं. गोवा में पार्टी के टूटने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर तोड़ने का आरोप लगाया है. इसके अलावा कांग्रेस ने गोवा में जो बीजेपी ने कांग्रेस के साथ किया है उसे ऑपरेशन कीचड़ का नाम दिया है.

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