Rahul Gnadhi Shashi Tharoor

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस वक्त भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को भारी समर्थन मिल रहा है और इससे कहीं ना कहीं सत्ताधारी पार्टी बौखलाई हुई भी दिखाई दे रही है. यात्रा के बीच राहुल गांधी जनता के मुद्दों पर लगातार सवालों के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर हमले भी कर रहे हैं. इस बीच कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर से राजनीति गर्माती हुई दिखाई दे रही है. दरअसल शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है और इस मुलाकात के बाद कयासों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है.

कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा. अभी तक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के सांसद शशि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में शामिल माने जा रहे हैं. वहीं राहुल गांधी के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है. बताया जा रहा है कि अशोक गहलोत 26 से 28 सितंबर के बीच अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर सकते हैं.

शशि थरूर कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं और उन्होंने अपनी इच्छा को सोनिया गांधी के सामने जाहिर किया है और इसके बाद सोनिया गांधी ने कहा है कि कांग्रेस में कोई भी पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है. इस बीच राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट की है जिसमें उन्होंने लिखा है कि, जब नाव बीच मझधार में फंस जाए तब पतवार अपने हाथ में लेनी पड़ती है. ना रुकेंगे, ना झुकेंगे. भारत जोड़ेंगे. तो क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि राहुल गांधी फिर से कांग्रेस अध्यक्ष के लिए अपनी दावेदारी ठोकेंगे? यानी पार्टी की पतवार अपने हाथ में लेंगे?

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर अभी संशय बरकरार है. राहुल गांधी इस वक्त भारत जोड़ो यात्रा में है और यह यात्रा अभी केरल में है. भारत जोड़ो यात्रा के 12वें दिन केरल में स्थानीय नागरिकों के साथ हुई प्रतियोगिता में वह नाव जीत गई जिसमें राहुल सवार थे. लेकिन सवाल 2024 का है. कांग्रेस के नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. गोवा में कांग्रेस के विधायक टूटकर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया था. गुलाम नबी आजाद ने पार्टी छोड़ते वक्त कई तरह के आरोप लगाए थे और सीधा राहुल गांधी पर हमला किया था. हालांकि गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस पार्टी की तरफ से बड़े-बड़े पदों से नवाजा गया, इसके बाद भी उन्होंने पार्टी छोड़ दी. तो क्या ऐसे में राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट का इशारा यही है कि मुश्किल वक्त में वह पार्टी की कमान एक बार फिर संभालेंगे?

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