कृषि कानूनों पर रोक लगाने के न्यायालय के आदेश पर अमरिंदर सिंह

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Amarinder.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को राज्य के महाधिवक्ता को नए कृषि कानूनों पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश की विस्तारपूर्वक समीक्षा करने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिये मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है.

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने यह जानकारी दी. सिंह ने उच्चतम न्यायालय के आदेश की पेचीदगियों पर चर्चा करने के लिये बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है. ठुकराल ने ट्वीट किया, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने महाधिवक्ता अतुल नंदा को कृषि कानूनों पर आज सुनाए गए उच्चतम न्यायालय के फैसले की विस्तारपूर्वक समीक्षा करने के लिये कहा है.

इससे पहले दिन में, उच्चतम न्यायालय ने अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का आदेश दिया और कानूनों को लेकर केन्द्र सरकार तथा दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रही किसान यूनियनों के बीच गतिरोध खत्म करने के लिये चार सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया.

न्यायालय द्वारा गठित समिति के सदस्यों में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान, शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवंत, दक्षिण एशिया के अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद जोशी और कृषि अर्थशास्त्री तथा कृषि लागत और मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक गुलाटी शामिल हैं. अदालत ने तीन कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इनके कार्यान्वयन पर रोक लगाई है.

इसके अलावा आपको बता दे कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन की आंच अब हरियाणा की बीजेपी-जेजेपी नीत सरकार पर भी पड़ने लगी है. प्रदेश में कानूनों के खिलाफ किसानों के आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. इससे पहले जेजेपी के विधायकों के एक ग्रुप ने कहा कि अगर केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो प्रदेश में गठबंधन सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.

जेजेपी प्रमुख और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के कुछ घंटे पहले विधायकों ने यह दावा किया. जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें.

गौरतलब है कि शाह से मुलाकात करने से पहले चौटाला ने एक फार्म हाउस में अपनी पार्टी के सभी विधायकों के साथ बैठक की. मीटिंग से पहले जेजेपी विधायक राम कुमार गौतम ने कहा कि हमारा जेजेपी (की बैठक) से कोई लेना-देना नहीं है… दिल्ली नहीं जा रहे हैं… हरियाणा में तीनों कृषि कानून के खिलाफ भावनाएं हैं और आगामी दिनों में इसकी कीमत सत्तारूढ़ बीजेपी-जेजेपी गठबंधन को चुकानी होगी.

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