बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट से मिली बड़ी राहत

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Mukhtar Ansar

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित बाहुबली और मऊ सदर सीट से विधायक मुख्तार अंसारी को शुक्रवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. जिला जज ने मुख्तार अंसारी को सुपर फ्री शस्त्र लाइसेंस के मामले में जमानत दे दी है.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकरलाल ने एक-एक लाख के दो बंध पत्र व इसी धनराशि का मुचलका प्रस्तुत करने पर जमानत मंजूर की. विधायक के वकील दारोगा सिंह की ओर से दाखिल जमानत अर्जी को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. हालांकि इस जमानत के बाद भी मुख्तार को जेल में ही रहना होगा. मुख्तार पर अन्य मामले भी चल रहे हैं.

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी को हाल ही में पंजाब से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में शिफ्ट किया गया है. जेल से बदली सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई. इसी को लेकर मुख्तार एक बार फिर चर्चाओं में था. इसी बीच शुक्रवार को फर्जी नाम-पता के सहारे जारी शस्त्र लाइसेंस मामले में जमानत दे दी गई.

जमानत को लेकर आधे घंटे तक अभियोजन व बचाव पक्ष में तीखी बहस हुई. इस दौरान सदर विधायक के विरुद्ध कोई कूटरचना व षडय़ंत्र का साक्ष्य न पाने पर जिला जज शंकर लाल ने मुख्तार की जमानत अर्जी मंजूर कर ली. अंसारी को एक-एक लाख के दो बंधपत्र व इसी धनराशि का मुचलका प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया गया. साथ ही आरोपी को इस मामले के साक्ष्य केा प्रभावित नहीं करने, बिना अदालत के अनुमति और मामले के निस्तारण तक देश छोडक़र बाहर नहीं जाने का भी आदेश दिया.

बताया गया है कि जमानत के साथ ही कोर्ट ने शर्त रखी कि जमानत के दौरान विधायक मामले के साक्ष्य को न तो प्रभावित करेंगे और न ही बिना अदालत की अनुमति के देश छोडक़र जाएंगे. अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह राज ने मुख्तार अंसारी के विरुद्ध 41 आपराधिक मामलों की क्रिमिनल हिस्ट्री पेश की. डीजीसी ने जमानत अर्जी का विरोध किया.

मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने कहा कि सदर विधायक ने चार व्यक्तियों के नाम की संस्तुति अपने लेटर पैड पर की थी, जबकि उनके पता का सत्यापन तत्कालीन थाना प्रभारी दक्षिणटोला व लेखपाल कैलाश सिंह ने की थी. इस पर संस्तुति सीओ सिटी व एडिशनल एसपी व एसपी ने की थी. इसके बाद तत्कालीन डीएम ने उन चार लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी किया था.

अधिवक्ता ने कहा कि आरोपित के विरुद्ध पेश 41 मामलों में से अधिकांश में विधायक दोषमुक्त हो चुके हैं. कुछ में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है. इनमें कई मामले राजनीतिक द्वेष वश दर्ज हुए. न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद विधायक की जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई. इस मामले में जमानत मिलने के बाद भी मुख्तार अंसारी को अभी जेल में ही रहना होगा.

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