BJP के MLA का सोनिया गांधी और मायावती को लेकर विवादित बयान

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और मायावती को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले बलिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने विवादित बयान दिया है उन्होंने कहा है कि हरीश रावत भारत की नारी के गरिमा शब्द को जानते ही कहां हैं? जो सिर्फ अपने शारीरिक सुख और सत्ता के लिए देश छोड़कर भारत में बसी, उस महिला को भारत रत्न देने की मांग करना ही है भारत रत्न का अपमान होगा.

कांग्रेसी कल्चर में चारण संस्कृति इतनी जबरदस्त होती है कि अगर कोई नहीं बोलेगा तो उसको छोटा भी पद नहीं मिलने वाला है. विधायक ने कहा कि कांग्रेस टूटी-फूटी नाव हो चुकी है. उस पर सवारी करने वाला भी मूर्ख ही कहा जाता है और अगर मायावती और सोनिया जी को भारत रत्न मिलेगा तो मैं समझता हूं भारत में कोई भी ऐसा इंसान नहीं बचना चाहिए जिसको भारत रत्न न मिले. इन लोगों से भी स्तरहीन नेता मैं समझता हूं कि पूरे देश की राजनीति में नहीं होगा. वो तो इटली से आकर के अपने आपको वैभव की दुनिया में स्थापित करना चाहा, लेकिन मैं समझता हूं कि देश की जनता को धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि जिन्होंने ऐसे लोगों को भटकने नहीं दिया.

विधायक ने कहा कि मैं तो मायावती को माया-आ-वती कहता हूं. जिसके जीवन का उद्देश्य ही पैसा कमाना और धन इकट्ठा करना है. ऐसे लोगों को भारत रत्न देने का स्टेटमेंट देना, भारत रत्न की उपाधि को अपमानित करना है. ऐसे लोगों को भारत रत्न देना मतलब भारत रत्न को भी कलंकित करना है. विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज दलितों का सबसे ज्यादा उसी कम्युनिटी के संपन्न लोग उत्पीड़न कर रहे हैं. मायावती जैसे लोगों को अपने को आरक्षण से अलग करना चाहिए, तभी गरीब वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा. क्या मुलायम सिंह का परिवार पिछड़ा वर्ग में होना चाहिए? मायावती को अगर विकसित नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे? रामविलास पासवान के परिवार को क्या कहेंगे? ये लोग ही अपने दलितों और पिछड़ों लोगों का शोषण कर रहे हैं. 27% आरक्षण के नाम पर समाजवादी सरकार के जमाने में लाभ मिला तो वह सिर्फ सैफई, इटावा और मैनपुरी के यादवों को मिला. तो क्या सिर्फ सैफई इटावा और मैनपुरी के यादव लोग ही OBC हैं. मैं तो कहूंगा OBC का शोषण आजकल OBC ही कर रहा है और दलित का शोषण दलित ही कर रहा है.

विधायक ने कहा कि, अगर वाकई में यह लोग अपने लोगों का भला चाहते हैं तो जो लोग सरकारी सुविधा का लाभ एक बार ले चुके हैं, उनको अपने आप को उस लाभ से अलग कर लेना चाहिए. जैसे प्रधानमंत्री मोदी ने अभी गरीब सवर्णों को आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण देने की बात की घोषणा की है. वह प्रशंसनीय औऱ अभिनंदनीय है और यही फार्मूला अन्य लोगों पर भी लागू होना चाहिए. उन लोगों को आरक्षण मिले क्योंकि वह पिछड़े, दलित और पीड़ित हैं. लेकिन जो आधार सामान्य लोगों को आर्थिक 10% आरक्षण के हिसाब से दिया गया है, उसी आधार पर उन लोगों को मिलना चाहिए तो मैं समझता हूं कि कल का भारत सामर्थ्यवान और सुंदर भारत होगा.

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