‘आत्मनिर्भर भारत’ के बावजूद सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर चीन

0
image

गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुए संघर्ष में जब हमारे 20 जवान शहीद हुए. तब देश में चीन विरोध की आंधी आ गई थी, हर तरफ से चीन और चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की बातें होने लगी थी. फिर “आत्मनिर्भरत भारत” की भी मुहिम चली. लेकिन चीन विरोध का नतीजा कुछ और ही निकला. आज चीन फिर से भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया है.

चीन से सामान बुलाया, आत्मनिर्भर भारत और सीमा विवाद को भुलाया!

कॉमर्स मंत्रालय, भारत सरकार के प्रोविजनल आंकड़े बताते हैं कि चीन एक बार फिर भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया. आंकड़ों की माने तो पिछले साल यानी 2020 में भारत और चीन के बीच 77.7 बिलियन डॉलर का दोपक्षीय (Two Way) व्यापार हुआ है. हालांकि यह पिछले चार वर्षों का सबसे कम है, लेकिन बादशाहत चीन ने ही बनाई है. पिछले साल अमेरिका इस मामले में टॉप पर था. भारत और अमेरिका के बीच 2019 में 90.1 बिलियन डॉलर का ट्रेड हुआ था.

2017, 18, 19 और 20 तक की बात करें तो इन चार वर्षों में तीन बार भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर चीन रहा है. गौरतलब है कि सरकार और सरकार के मंत्री तथा नेता आए दिन आत्मनिर्भरता का राग अलापते रहते हैं, वहीं हर त्योहार में चीनी वस्तुओं की होली जलाई जाती है, बहिष्कार किया जाता हैं. जिन दुकानामें चीनी वस्तुएं मिलती हैं वहां तोड़फोड़ और हाथापायी की जाती है. लेकिन खरीदारी का खेल बड़े पैमाने पर होता रहता है. चीन के सैकड़ों एप्स पर बैन लगाया गया. लेकिन हैवी मशीन खरीदने के लिए हम चीन पर ही निर्भर रहे. 51 फीसदी हैवी मशीनरी चीन से इम्पोर्ट करता है भारत.

पिछले चार में से तीन साल टॉप पर रहा चीन :

भारत के टॉप ट्रेड पार्टनर 2017 से 2020 तक

साल – चीन – अमेरिका – यूएई

2017 – 84.7 बिलियन डॉलर – 70.8 बिलियन डॉलर – 53.1 बिलियन डॉलर

2018 – 90.4 बिलियन डॉलर – 85.6 बिलियन डॉलर – 55.6 बिलियन डॉलर

2019 – 85.5 बिलियन डॉलर – 90.1 बिलियन डॉलर – 60.3 बिलियन डॉलर

2020 – 77.7 बिलियन डॉलर – 76.0 बिलियन डॉलर – 42.0 बिलियन डॉलर

स्रोत : मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स, इंडिया (नोट :2020 के आंकड़े प्रोविजनल हैं.)

भारत ही नहीं इनका भी सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है चीन :

  • अमेरिका को पछाड़कर यूरोपियन यूनियन का भी सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर चीन बन गया है.
  • 2020 में चीन और यूरोपियन यूनियन के बीच 710 बिलियन यूएस डॉलर का गुड्स ट्रेड हुआ है.
  • 2020 में जर्मनी का भी सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर (258 बिलियन US डॉलर) चीन है. इतना ही नहीं पिछले पांच वर्षों से चीन जर्मनी का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बना हुआ है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here