Eknath Shinde

महाराष्ट्र सियासी संग्राम एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. शिंदे सरकार के विश्वासमत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह मामला हम 11 जुलाई को ही सुनेंगे. कोर्ट की टिप्पणी के बाद वकील कपिल सिब्बल भड़क गए और कहा कि डेमोक्रेसी का डांस नहीं चल रहा है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि हम आंख खोलकर बैठे हुए हैं.

इन सबके बीच मुख्यमंत्री बनते ही एकनाथ शिंदे ने उद्धव सरकार का फैसला पलट दिया है. एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनते ही आरे कॉलोनी को लेकर उद्धव सरकार का फैसला पलट दिया है. नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद राज्य सरकार ने सॉलिसिट जनरल को निर्देश दिया है कि मेट्रो कार शेड मुंबई की आरे कॉलोनी में ही बनाया जाए.

इसके अलावा आपको बता दें कि 3 और 4 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. जिसमें एकनाथ शिंदे की सरकार अपना बहुमत साबित करेगी. विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार के बहुमत परीक्षण के बाद बीजेपी को स्पीकर का पद मिल सकता है. महाराष्ट्र बीजेपी विधायक आज शाम को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे.

इसके अलावा शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना जरिए जबरदस्त प्रहार किया है. सामना में लिखा गया है कि उद्धव ठाकरे ने जाते-जाते कहा मैं सभी का आभारी हूं, परंतु मेरे करीबी लोगों ने मुझे धोखा दिया, यह सही ही है. जिन्होंने दगाबाजी कि वह करीब 24 लोग कल तक उद्धव ठाकरे की जय जयकार किया करते थे. इसके आगे भी कुछ समय तक दूसरों के भजन में व्यस्त रहेंगे.

सामना में लिखा गया है कि राज्यपाल और न्यायालय ने सत्य को खूंटी पर टांग दिया और निर्णय सुनाया. इसलिए विधिमंडल की दीवारों पर सिर फोड़ने का कोई अर्थ नहीं था. दल बदलने वाले पार्टी के आदेशों का उल्लंघन करने वाले विधायकों की अपात्रता से संबंधित फैसला आने तक सरकार को बहुमत सिद्ध करने के लिए कहना संविधान से परे है. परंतु संविधान के रक्षक ही ऐसे गैरकानूनी कृत्य करने लगते हैं और रामशास्त्री कहलाने वाले न्याय के तराजू को झुकाने लगते हैं, तब किस के पास अपेक्षा से देखना चाहिए?

सामना में लिखा गया है कि हिंदुस्तान जैसे महान देश और इस महान देश का संविधान और नैतिकता के पतन से ग्रसित हो गया है. यह परिस्थितियां निकट भविष्य में बदलेंगी, ऐसे संकेत तो नजर नहीं आ रहे है. क्योंकि बाजार में सभी रक्षक बिकने के लिए उपलब्ध है. असीमित सत्ता और बहुमत का प्रचंड दुरुपयोग हो रहा है. विरोधियों को हरसंभव मार्ग से परेशान नहीं बल्कि प्रताड़ित करने का तंत्र तैयार हो गया है.

शिवसेना की तरफ से सामना में कहा गया है कि कौरवों ने द्रोपदी को भरी सभा में खड़ा करके बेइज्जत किया, व धर्मराज सहित सभी निर्जीव बने यह तमाशा देखते रहे. ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र में हुआ. परंतु आखिरकार भगवान श्री कृष्ण अवतरित हुए. उन्होंने द्रोपदी की इज्जत और प्रतिष्ठा की रक्षा की. जनता जनार्दन श्री कृष्ण की तरह अवतार लेगी और महाराष्ट्र की इज्जत लूटने वालों पर सुदर्शन चलाएगी. निश्चित तौर पर.

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