किसानो का फूटा गुस्सा, रामदेव आये निशाने पर

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कृषि क़ानूनों से नाराज़ किसानों के आंदोलन में आम लोग भी जुड़ रहे हैं. रिलायंस के बाद पतंजलि को भी किसानों और आम लोगों के ग़ुस्से का शिकार होना पड़ रहा है. बीते एक पखवाड़े में किसानों ने पंजाब में जियो के कई टावर्स की बिजली काटी है और कुछ जगहों पर टावर के बुनियादी ढांचे को नुक़सान पहुंचाने की ख़बरें भी आई हैं.

लेकिन अब हरियाणा में रिलायंस और पतंजलि स्टोर के बाहर प्रदर्शन हुआ है. हिसार में आंदोलन विस्तार मोर्चा नाम के संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के समर्थन में रिलायंस फ्रेश और पतंजलि मेगा स्टोर के आगे धरना दिया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किसानों के समर्थन में नारेबाजी की और जय किसान जय जवान के नारे लगाए.

उन्होंने सरकार से किसानों की मांगों को जल्द से जल्द माने जाने की अपील भी की और कृषि क़ानूनों को किसानों के ख़िलाफ़ बताया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे. हरियाणा में जियो के टावर को भी नुक़सान पहुंचाया गया है. इस मामले में हरियाणा पुलिस ने गुरूवार को अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली है. जियो का यह टावर जींद जिले के जलालपुर कलां गांव में है.

इस टावर के एक हिस्से में आग लगा दी गई है. जियो के तकनीकी कर्मचारी मंजीत सिंह ने पुलिस को इस मामले में शिकायत दी है. पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में जांच कर रही है. पंजाब के बाद हरियाणा में यह इस तरह की पहली घटना है. पंजाब में जियो के 1600 टावर्स की बिजली सप्लाई काटे जाने या उन्हें नुक़सान पहुंचाए जाने की ख़बरें आ चुकी हैं. इस वजह से राज्य में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और लोगों को खासी परेशानी हो रही है.

हरियाणा के किसान नेताओं ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी संपत्ति को नुक़सान न पहुंचाए. बता दें कि कृषि क़ानूनों से नाराज़ किसानों ने मुकेश अंबानी के प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का एलान किया हुआ है. इसके तहत जियो के नंबर को दूसरे सर्विस प्रोवाइडर में पोर्ट कराया जा रहा है. पंजाब में रिलायंस के पेट्रोल पंप और रिटेल आउटलेट्स के बाहर लंबे वक्त से धरना दिया जा रहा है.

किसानों के आंदोलन का सबसे ज़्यादा असर भी हरियाणा और पंजाब में ही है. हरियाणा और पंजाब की सियासत को भी इस आंदोलन ने ख़ासा प्रभावित किया है. हरियाणा में जगह-जगह बीजेपी और जेजेपी के नेताओं का विरोध हो रहा है और 26 जनवरी को होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए जोरदार तैयारियां की जा रही हैं.

किसानों के आंदोलन से परेशान रिलायंस ने सफाई जारी कर कहा था कि उसका कांट्रेक्ट या कॉरपोरेट फ़ॉर्मिंग के फ़ील्ड में आने का कोई इरादा नहीं है और उसने इसके लिए देश भर में कहीं भी कोई कृषि ज़मीन नहीं ख़रीदी है. कंपनी ने कहा है कि उसने बीते वक़्त में भी किसी तरह की कॉरपोरेट या कांट्रेक्ट फ़ॉर्मिंग नहीं की है. रिलायंस ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए किसानों के आंदोलन का फ़ायदा उठाकर उसके ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रहे हैं और उसके ख़िलाफ़ जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे बेबुनियाद हैं.

कंपनी ने मांग की थी कि अदालत इस मामले में दख़ल दे और शरारती तत्वों द्वारा उसकी संपत्ति को पहुंचाए जा रहे नुक़सान पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बीते मंगलवार को इस मामले में पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था. अदालत ने कहा था कि टावर्स के बुनियादी ढांचे को नुक़सान पहुंचाने वाले और पंजाब में जियो के स्टोर्स को जबरन बंद कराने वाले शरारती तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

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