Kangana Ranaut

हाल ही में कंगना राणावत (Kangana Ranaut) को पद्मश्री दिया गया है. हालांकि यह किस कार्य के लिए दिया गया है जनता को अभी तक समझ में नहीं आया है. अभी तक जनता को यही लग रहा है कि बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने और विपक्ष को हर समस्या के लिए जिम्मेदार बताने के एवज में ही शायद यह पद्मश्री उन्हें दिया गया है.

पद्मश्री मिलने के बाद हाल ही में कंगना राणावत (Kangana Ranaut) ने एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है कि देश को आजादी भीख में मिली थी. वह आजादी नहीं भीख थी. असल में आजादी 2014 के बाद मिली है. कंगना राणावत का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद देश असल में आजाद हुआ है. अंग्रेजों से आजादी भीख में मिली थी वह असल आजादी नहीं थी. कंगना राणावत कुछ दिन पहले सावरकर जिस जेल में थे वहां गई थी और बयान दिया था कि वह वहां पर अंदर से पूरी तरीके से हिल गई थी. कंगना राणावत का सावरकर की समर्थक भी हैं.

कंगना राणावत को यह मालूम होना चाहिए कि भीख में आजादी देश को नहीं बल्कि सावरकर को मिली थी. सावरकर को जब काला पानी की सजा हुई थी उसके बाद उन्होंने अंग्रेजों के सामने माफ़ीनामा लिखा था उसके बाद उन्हें जेल से आजादी भीख में मिली थी, इस एवज में कि, वह कभी भी अंग्रेजो के खिलाफ कुछ करेंगे भी नहीं और बोलेंगे भी नहीं. और जेल से आजाद होने के बाद सावरकर ने अपना वादा निभाया भी था, अंग्रेजों के खिलाफ किसी लड़ाई में भाग नहीं लिया कोई आंदोलन नहीं किया.

जिस सावरकर की कंगना राणावत समर्थक हैं उस सावरकर को जेल से आजादी भीख में मिली थी. देश को आजादी अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ के मिली थी. सैकड़ों क्रांतिकारियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी थी. भगत सिंह फांसी के फंदे को झूल गए थे. सुखदेव, बटुकेश्वर दत्त जैसे क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी. चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने अपनी जान दी थी.

गांधी, नेहरू, पटेल, सुभाष चंद्र बोस जैसे असंख्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने इस आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, सैकड़ों दिन जेल में गुजारे. उसके बाद यह आजादी मिली थी. इन क्रांतिकारियों ने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कभी अंग्रेजों के सामने माफ़ीनामे में नहीं लिखें, अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी. इन्होंने आजादी लड़ के ले ली थी.

क्या प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से और मौजूदा सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की तरफ से कंगना राणावत को पद्मश्री इसीलिए दिया गया है कि, वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का और क्रांतिकारियों का अपमान करें? 2014 से पहले जितने भी प्रधानमंत्री थे क्या कंगना राणावत उनका अपमान नहीं कर रही हैं नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक का अपमान कंगना राणावत कर रही हैं उसके पहले जिन क्रांतिकारियों ने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने असंख्य कष्ट सहे जेलों में सैकड़ों दिन गुजारे वर्षों गुजारे क्या उनका अपमान कंगना राणावत की तरफ से नहीं हो रहा है?

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