हरियाणा निकाय चुनाव: BJP-JJP गठबंधन के लिए क्या हैं मायने?

0
bjp-jjp

दिल्ली में एक महीने से अधिक समय से किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच हरियाणा नगर निगम के चुनाव में भी किसान आंदोलन का असर देखने को मिला है. हरियाणा नगर निगम चुनाव (हरियाणआ स्थानीय निकाय) में बीजेपी को तीन में से सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है.

अंबाला, पंचकुला और सोनीपत शहरों में महापौर पद के लिए रविवार को चुनाव हुए थे. महापौर की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी-जजपा गठबंधन को सिर्फ एक जगह ही कामयाबी मिली है. पंचकुला में भी जीतने के लिए बीजेपी गठबंधन को काफी संघर्ष करना पड़ा है. हालांकि सोनीपत में कांग्रेस को भी बहुत बड़ी बढ़त हासिल नहीं हो पाई.

वहीं अंबाला में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी को जीत मिली है. यह पहली बार है जब इन तीन शहरों में महापौर पदों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव हुए हैं. दो साल पहले हरियाणा के पांच शहरों में महापौर चुनावों में बीजेपी को जीत मिली थी. बीजेपी ने 2018 में हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक और यमुनानगर में महापौर के चुनाव जीते थे. इस साल नवंबर में सत्तारूढ़ गठबंधन को सोनीपत में बडोदा विधानसभा उपचुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा.

बीजेपी के कुलभूषण गोयल पंचकूला के नए महापौर होंगे. उन्होंने कांग्रेस की उपिंदर कौर अहलूवालिया को 2,057 वोटों से हराया. पंचकूला में 1,333 मतदाताओं ने नोटा विकल्प का प्रयोग किया. सोनीपत में कांग्रेस ने महापौर का चुनाव जीता. पार्टी के निखिल मदान ने बीजेपी के ललित बत्रा को 13,818 मतों से पराजित किया. वहीं अंबाला में महापौर पद के लिए हुए चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी और हरियाणा जन चेतना पार्टी (एचजेसीपी) की उम्मीदवार शक्ति रानी शर्मा विजयी रहीं. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार वंदना शर्मा को 8,084 मतों से हराया.

तीनों शहरों के सभी वार्डों के पार्षदों के चुनाव के लिए भी मतदान हुआ था. रेवाड़ी में नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों के अलावा सांपला (रोहतक), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) और उकलाना (हिसार) की नगरपालिका समितियों के चुनाव के लिए भी मतदान हुआ था. अंबाला में बीजेपी ने 20 में से आठ, एचजेसीपी ने सात, कांग्रेस ने तीन और हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट ने दो सीटें जीतीं. सोनीपत में बीजेपी ने 10 वार्ड में जीत हासिल की जबकि कांग्रेस को नौ सीटें मिलीं, वहीं एक सीट पर निर्दलीय विजयी हुआ. पंचकुला में बीजेपी और कांग्रेस ने क्रमशः नौ और सात सीटें जीतीं वहीं जजपा को दो सीटें मिलीं.

रेवाड़ी नगरपालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव में बीजेपी की पूनम यादव विजयी रहीं. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार उपमा यादव को 2,087 मतों से हराया. कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही. बीजेपी-जजपा गठबंधन धारुहेड़ा, सांपला और उकलाना में नगरपालिका समितियों का अध्यक्ष पद हासिल करने में विफल रहा. वहां निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुयी. धारुहेड़ा से कंवर सिंह, सांपला से पूजा और उकलाना में सुशील साहू वाला विजयी हुए. एस साल में हरियाणा में हुए इन चुनावों के गठबंधन के लिए कई मायने हैं.

चुनाव के बाद बने इस गठबंधन को किसान आंदोलन के कारण भी लगातार सवालों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों के वोटों से सत्ता में आई जेजेपी पर किसान संगठनों का दबाव बढ़ता जा रहा है कृषि कानूनों पर बीजेपी पर दबाव बनाए. इस सिलसिले में जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला बीजेपी के केंद्रीय नेताओं से हाल में मुलाकात भी कर चुके हैं. इस बीच कांग्रेस की लगातार बढ़ती सक्रियता भी राज्य में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है. राज्य में अब गठबंधन को नई रणनीति के साथ उतरने की जरूर होगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here