कितना रोक पाएँगे किसानों को?

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Modi

क्या सरकार को लगता है कि किसानों को आंदोलन करने से दीवारें और कंटीले तार रोक पाएँगे? किसानों के प्रदर्शन स्थल पर जिस तरह से दीवारें खड़ी की जा रही हैं, कंटीले तार लगाए जा रहे हैं और गड्ढे खोदे जा रहे हैं उससे यह सवाल उठना लाजिमी है.

विपक्ष के मन में भी ऐसा सवाल उठ रहा होगा. तभी तो विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी ने भी ऐसा ही सवाल उठाते हुए तंज कसा है. राहुल गाँधी ने किसान प्रदर्शन की जगहों पर खड़ी की जा रही दीवारों और कंटीले तारों की तसवीरों को ट्वीट किया है. इस ट्वीट के साथ उन्होंने लिखा है, भारत सरकार, दीवारें नहीं बनाएं, ब्रिज बनाएँ!

ज़ाहिर तौर पर राहुल गाँधी किसान आंदोलन पर सरकार की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. राहुल किसानों के मुद्दे को लगातार ट्वीट कर उठा रहे हैं. राहुल सहित विपक्षी दल कृषि क़ानूनों का विरोध तो कर ही रहे हैं, जिस तरह से किसान आंदोलन से निपटा जा रहा है उसको लेकर वे सरकार की तीखी आलोचना कर रहे हैं.

आलोचनाएँ इसलिए भी की जा रही हैं क्योंकि किसानों के धरनास्‍थलों को पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की गई है. उनके आस-पास कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है और ऊपर कंटीले तार बिछा दिए गए हैं. यह ग़ाज़ीपुर में तो हो ही रहा है, सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर भी हो रहा है. गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए 6 स्तर की बैरिकेडिंग की है.

धरना स्थल के फ्लाईओवर पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं. दिल्ली से गाज़ियाबाद जाने वाली रोड पर 6 स्तर की बैरिकेडिंग की गई है. इसमें कंटीले तार भी हैं. कंक्रीट के 3 फुट ऊंचे 2-2 स्लैब्स रखकर कंक्रीट की दीवार बनाई गई है. इसके बाद के दो लेयर में लोहे के बैरिकेड्स लगे हुए हैं. टीकरी बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल पर भी ऐसी ही दीवारें खड़ी की गई हैं. सड़क पर सीमेंट के बड़-बड़े स्लैब रखे गए हैं और बैरिकेडिंग के साथ कीलें लगाई गई हैं.

इन्हीं दीवारों, कीलें और कंटीले तारों को लेकर राहुल गाँधी ने ट्वीट किया और सरकार पर निशाना साधा. राहुल की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया, प्रधानमंत्री जी, अपने किसानों से ही युद्ध?

सभी विपक्षी दल भी इस मामले को उठा रहे हैं तीनों नये कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं जिसका विरोध किसान कर रहे हैं. मंगलवार को राज्‍यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नए कृषि क़ानूनों को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया. राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन पर चर्चा कल होगी. इसके बाद विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया. इसके बाद सदन स्‍थगित कर दिया गया. इन घटनाक्रमों के बीच किसान यूनियनों ने सोमवार को घोषणा की है कि वे 6 फ़रवरी को तीन घंटों के लिए दोपहर 12 से 3 बजे के बीच चक्‍का जाम करेंगे.

ऐसी बाधाओं को पार किया किसानों ने

किसानों को आंदोलन को कथित तौर पर रोकने के लिए ये प्रयास तब किए जा रहे हैं जब किसान ऐसी ही कई बाधाओं को पार कर दिल्ली की सीमा पर पहुँचे हैं. क़रीब दो महीने पहले जब किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए थे तो कड़कड़ाती ठंड में किसानों पर पानी की बौछारें की गई थीं, लाठी चार्ज किया गया था, आँसू गैस के गोले दाग़े गए थे, रास्ते पर गड्ढे खोद दिए गए थे, भारी तादाद में पुलिस बल को तैनात किया गया था. इसके बावजूद किसान डटे रहे और आगे बढ़ते रहे. किसान जब दिल्ली की सीमा पर पहुँच गए तो पुलिस कर्मियों से क़िलेबंदी की कोशिशें लगातार की जा रही हैं, लेकिन किसान अब तक हार मानने के मूड में नहीं हैं.

ट्विटर ने सोमवार को दोपहर बाद अचानक कुछ अकाउंट्स पर रोक लगा दी थी और 150 ट्वीट् प्लेटफॉर्म से हट गए थे. लेकिन शाम होते-होते लगभग सभी अकाउंट्स से यह रोक हटा ली गयी. इन अकाउंट्स में किसान एकता मोर्चा का अकाउंट भी शामिल था. रोक लगाने को लेकर सोशल मीडिया पर खासी प्रतिक्रिया हुई थी. प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर के अकाउंट पर भी रोक लगाई गई थी. भारत सरकार की ओर से ट्विटर को लीगल नोटिस भेजे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई थी.

माना गया कि इन अकाउंट्स को मोदी सरकार की आलोचना करने का खामियाजा भुगतना पड़ा है. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार की देर शाम तक रोक तब हटाई गई जब माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म और मंत्रालय के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई. बैठक के बाद ट्विटर ने कहा कि ये एकाउंट और ट्वीट् बोलने की आज़ादी वाले हैं और न्यूज़ से जुड़े हैं. दिल्ली बॉडर पर किसान आंदोलन में शामिल होने पंजाब से जिस ट्रेन में सवार होकर किसान आ रहे थे उस ट्रेन को डायवर्ट कर दिया गया.

स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा कि फिरोजपुर-मुंबई पंजाब मेल को रोहतक से डायवर्ट कर दिया गया है. उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया था कि फिरोजपुर मुंबई पंजाब मेल को आज सुबह रोहतक से रेवाड़ी के रास्ते डायवर्ट कर दिया गया, ताकि क़रीब 1,000 किसानों को दिल्ली पहुँचने से रोका जा सके.

हालाँकि, रेलवे का कहना है कि संचालन संबंधी कारणों की वजह से ट्रेन को डायवर्ट किया गया है. ‘आजतक’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक दूसरी ट्रेन की यात्रा को सीमित कर दिया गया. राजस्थान के गंगानगर से दिल्ली आने वाली ट्रेन जो पंजाब और हरियाणा से गुजरने वाली थी, उसकी यात्रा हरियाणा के बहादुरगढ़ में ही समाप्त कर दी गई.

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