किसान आंदोलन से कैसे निपटें? सुब्रमण्यम स्वामी ने सुझाया रास्ता

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भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चा में रहते हैं. अब उन्होंने दावा किया है कि किसान आंदोलन से निपटने का जो रास्ता उन्होंने सुझाया है उसपर बहुत सारे भाजपा सांसद भी सहमत हैं.

उन्होंने अपने सुझाव में कहा है कि केंद्र सरकार को इन कानूनों को राज्यों के लिए वैकल्पिक कर देना चाहिए. जो भी राज्य केंद्र से इन कानूनों को लागू करने की मांग करें केवल उन्हीं राज्यों में उन्हें लागू किया जाए. दिल्ली में हुई हिंसा के बाद भी सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि इस घटना से पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा है.

उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह बड़ी चूक है. उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है चीन मार्च से मई तक किसी बड़ी घटना को अंजाम दे. एक दिन पहले ही भाजपा नेता उमा भारती ने सुब्रमण्यम स्वामी के तारीफों के पुल बांध दिए. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, मैंने हमेशा डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी को अपना हीरो एवं आदर्श माना. डॉ. स्वामी के जीवन के सहस्त्र चंद्र दर्शन (1000 पूर्णिमा) पूरे हुए जिसकी खुशी में मेरे गुरु जी के स्थान पर वसंत कुंज, दिल्ली में उत्सव मनाया गया.

डॉ. स्वामी भारत की राजनीति के सर्वाधिक बुद्धिमान, भारतीय अर्थ नीति की गहरी समझ एवं एक बहुत ही भव्य एलिगेंट हिंदू हैं. उमा भारती को जवाब देते हुए स्वामी ने कहा कि आप भी बहादुर महिला हैं. स्वामी ऐसे नेता हैं जो कि भाजपा सांसद होने के बावजूद लगातार सरकार की आलोचना करते रहते हैं.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी उन्होंने भारत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, राम के यहां पेट्रोल 93 रुपये, सीता के यहां नेपाल में 53 रुपये और रावण की लंका में 51 रुपये में मिल रहा है. बता दें कि बजट में भी सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर सेस लगाने की घोषणा की है. हालांकि कहा गया है कि इससे पेट्रोल-डीज़ल के काम में कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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