जमीन बचानी है तो देश के लुटेरों से लड़नी होगी लड़ाई

0
Rakesh-Tikait

नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसान इन कानूनों को वापस लिए जाने से कम पर तैयार नहीं हैं. सरकार से कई दौर की बातचीत के बाद भी अब तक इसका समाधान नहीं निकल सका है.

इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिए तो इस बार आह्वान संसद घेरने का होगा और वहां लाखों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेंगे. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से तैयार रहने को कहा कि कभी भी दिल्ली जाने का आह्वान हो सकता है.

टिकैत गुरुवार को करीरी में स्थित प्रमुख आस्थाधाम भैरव बाबा के स्टेडियम में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे. किसान महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए. बता दें कि किसान करीब 92 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं और उनकी सरकार से एक ही मांग है कि वो तीनों कृषि कानून वापस लें. इसी क्रम में टिकैत देशभर में आयोजित किसान महापंचायतों में भाग ले रहे हैं.

राकेश टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि ट्रैक्टरों में अभी से डीजल डलवा लें. पीएम मोदी मन की बात करते हैं, लेकिन किसानों का हित उन्हें याद नहीं है. हमारी मांग है कि तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं और जेलों में बंद किसानों को रिहा किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि कान खुल कर सुन ले दिल्ली, ये किसान भी वही हैं और ट्रैक्टर भी वही होंगे, लेकिन अबकी बार आह्वान संसद का होगा.

किसानों से कहा कि जमीन बचानी है तो देश के लुटेरों से लड़नी होगी लड़ाई. जब तक सरकार एमएसपी पर कानून बनाकर तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है. तब तक किसानों का यह आंदोलन जारी रहेगा. टिकैत ने कहा कि देश में भूख पर व्यापार नहीं करने दिया जाएगा. 24 मार्च तक देश में किसान महापंचायत अयोजित की जाएगी. इसके बाद 40 सदस्यीय कमेटी आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेगी.

हल चलाने वाला अब किसी के आगे हाथ नहीं जोड़ेगा

किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा कि गरीब की रोटी को देश का यह किसान तिजोरी में बंद नहीं होने देगा. हल चलाने वाला अब किसी के आगे हाथ नहीं जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हरियाणा और पंजाब का आंदोलन नहीं बल्कि पूरे देश के किसानों का आंदोलन है. टोडाभीम के पूर्व विधायक घनश्याम महर ने कहा कि किसानों के आंदोलन को 92 दिन हो गए हैं. फिर भी केंद्र सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही इस आंदोलन में 225 से अधिक किसान शहादत दे चुके हैं.

करीरी भैरव बाबा कुश्ती दंगल स्टेडियम में आयोजित किसान महापंचायत में पुरुषों के साथ क्षेत्र महिलाओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई गई. कई महिलाओं के द्वारा किसान महापंचायत को संबोधित किया गया. किसान महापंचायत में ग्रामीण महिलाएं क्षेत्र की पसंदीदा पीली लूगड़ी ओढ़कर किसान महापंचायत में आईं जो किसान महापंचायत में चर्चा का विषय बना रहा.

राकेश टिकैत के महापंचायत स्थल पर आने पर पांडाल भारत माता की जय और टिकैत जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा. जगह-जगह टिकैत के स्वागत में किसान उमड़ पड़े. टिकैत जहां से भी होकर निकले, वहां लोगों ने तिरंगा झंडा लहराकर एवं फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इस बीच युवाओं में टिकैत के साथ भी फोटो लेने की होड़ लगी रही.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here