Amit shah Yogi Adityanath

अपने उत्तर प्रदेश के दौरे पर अमित शाह (Amit Shah) ने एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी तो भी बीजेपी को नहीं हरा पाएंगी.

अमित शाह ने इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की जमकर तारीफ की है. महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की जो व्यवस्था थी उत्तर प्रदेश में उसकी भी अमित शाह ने जमकर तारीफ की है ऐसा सूत्रों से जानकारी मिल रही है.

इसके अलावा कानून व्यवस्था पर भी अमित शाह काफी संतुष्ट नजर आए हैं और उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ जो कार्यवाही हुई है उसको लेकर भी अमित शाह योगी की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस अगर मिल जाए एक साथ तो भी बीजेपी को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में नहीं हरा सकती, ऐसा अमित शाह का मानना है. तो क्या यह अमित शाह का कॉन्फिडेंस बोल रहा है योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछले 5 साल में उत्तर प्रदेश में किए गए कार्यों को लेकर या फिर उन्हें भरोसा है कि उत्तर प्रदेश की जनता हिंदू मुसलमान में बैठ जाएगी ओवैसी कार्ड चल जाएगा?

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था किस कदर बेहाल है यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है. कानून की हिरासत में लोगों की मौत हो रही है और घिसी पिटी स्क्रिप्ट के माध्यम से अपनी नाकामियों को छुपाने की पुलिस खुद कोशिश कर रही है, जिसपर जनता भरोसा भी नहीं कर पा रही है.

उत्तर प्रदेश में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही है, उसके बाद भी देश के गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर खुश है. तो क्या यह माना जाए कि एक पार्टी का नेता खुश है या फिर एक देश का गृहमंत्री?

सच्चाई यह है कि अमित शाह के लिए उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतना काफी महत्वपूर्ण है. अगर उत्तर प्रदेश का चुनाव बीजेपी हार जाती है तो 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्र में सरकार बनाना बीजेपी के लिए खासा मुश्किल होगा. इसी लिए अमित शाह इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं और उन्हें उत्तर प्रदेश में भरोसा है कि ओवैसी कार्ड भी चलेगा, इस कारण मुस्लिम वोट जरूर बटेगा जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.

सच्चाई यह है कि बीजेपी के अंदर भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. योगी आदित्यनाथ तथा बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के बीच अनबन की खबरें भी बीच में काफी सुर्खियां बटोर रही थी, जैसे तैसे उन खबरों को दबाया गया और दिखाया गया कि बीजेपी के अंदर सब कुछ ठीक है.

लेकिन सच्चाई यह है कि अगर 2022 का चुनाव उत्तर प्रदेश में बीजेपी जीत जाती है तो 2024 में योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार भी हो सकते हैं. योगी आदित्यनाथ 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ही ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए चुनावी प्रचार के अभियान की शुरुआत भी कर चुके हैं. देखा जाए तो बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उत्तर प्रदेश जीतना भी चाहता है और कहीं ना कहीं यह भी चाहता है कि योगी आदित्यनाथ का उभार बड़े स्तर पर ना हो.

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