किसान vs भाजपा- BKU का बड़ा फरमान

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Naresh-tikait

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के सिसौली में हुई महापंचायत में लोगों से कहा कि भाजपा नेताओं को शादियों और दूसरे कार्यक्रमों में इनवाइट नहीं करें. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे अगले दिन भारतीय किसान यूनियन के 100 कार्यकर्ताओं को खाना खिलाना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि इसे चाहें तो आदेश समझ लें या सलाह समझ लें. नरेश टिकैत ने 17 फरवरी को हुई महापंचायत में यह ऐलान किया था. टिकैत के इस बयान की जानकारी शुक्रवार को सामने आई. टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर भाजपा नेताओं को कार्यक्रम में बुलाया और उनसे दुर्व्यवहार होता है तो वे भारतीय किसान यूनियन को दोष देंगे. इसलिए मैं कहता हूं कि उन्हें अपने घर में ही खुश रहना चाहिए. अगर आप चाहें तो इसे बायकॉट भी समझ सकते हैं.

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. ऐसे में किसान नेता गुरनाम सिंह चंढूनी ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर किसानों से कहा कि दिल्ली पुलिस के नोटिस पर पेश नहीं हों, क्योंकि पुलिस नोटिस के बहाने बुलाकर लोगों को पकड़ रही है.

चंढूनी ने कहा कि दिल्ली पुलिस कई किसानों को घरों से पकड़ रही है. अगर किसी किसान के घर पुलिस छापा मारे तो, उसका घेराव कर वहीं बैठा लें और पूरे गांव को इकट्ठा कर लें. पुलिसवालों को तब तक नहीं छोड़ें जब तक जिला प्रशासन आकर ये आश्वासन नहीं दे कि दिल्ली पुलिस आपके जिले में नहीं घुसेगी. चंढूनी ने कहा, यह विनती भी करना चाहूंगा कि जिस भी पुलिसवाले का घेराव करें, उसके साथ कोई ज्यादती न करें, कोई मारपीट न करें. उनको बिठाएं…खिलाएं-पिलाएं…आराम से रखें, लेकिन तब तक नहीं छोड़ें जब तक जिला प्रशासन नहीं आ जाए.

चंढूनी ने कहा इन सभी बातों का ध्यान रखना है. इस पर एक्शन लेना है, क्योंकि दिल्ली पुलिस का कोई और इलाज नहीं रहा है. इस तरह की ज्यादतियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. सभी जगह इनका घेराव करना शुरू कर दो. चंढूनी का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने अतिक्रूरता बरत रही है. बहुत से किसानों को पहले ही पकड़ चुके हैं. वे अभी तक जेलों में हैं और उन पर 307 तक के मुकदमे बना दिए. हमारे कई ट्रैक्टर अभी तक नहीं छूटे हैं. बहुत से किसानों को नोटिस आ रहे हैं. जब किसान वहां पर जाता है तो उसे पकड़कर वहीं बैठा देते हैं.

राकेश टिकैत बोले- नुकसान सह लेंगे, लेकिन आंदोलन कमजोर नहीं होगा

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा कि किसान 70 सालों से नुकसान झेल रहे हैं. वे एक और फसल के नुकसान के लिए तैयार हैं. अगर उन्हें फसल काटने के लिए ज्यादा वर्कर की मदद की जरूरत पड़ी तो भी तैयार हैं. वे फसल को घरों पर रख लेंगे लेकिन, आंदोलन को कमजोर नहीं होने देंगे.

गौरतलब है कि किसानों की सरकार के साथ 11 दौर की बैठक के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला था. 80 से अधिक दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं. वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अब वो बंगाल में भी किसान महापंचायत करेंगे.

इधर अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी किसान महापंचायत को काफी अहम माना जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि किसान नेता कई सीटों पर मजबूत पकड़ रखते हैं जिसका विधानसभा चुनावों पर असर पड़ सकता है.

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