लखनऊ- गुस्साई भीड़ ने अफ़सरों पर किया हमला

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उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे मरीजों के परिजनों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है. ऑक्सीजन के किल्लत से मारे मारे फिर रहे तीमारदारों का गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा है.

अपने परिजनों के लिए ऑक्सीजन तलाश रहे तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर राजधानी लखनऊ में सोमवार को हमला बोल दिया. गुस्साई भीड़ कई जगहों पर ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों और आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों को घेरे हुए है.

रेमिडिसिविर जैसे प्राणरक्षक इंजेक्सन की भी प्रदेश में भारी किल्लत है, इसकी जमकर कालाबाजारी हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन व रेमिडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने का आदेश दिया है.

आगजनी की कोशिश

सोमवार को लखनऊ में ऑक्सीजन को लेकर भीड़ ने हमला बोल दिया. भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आग के हवाले करने की कोशिश की. ऑक्सीजन फैक्ट्री के बाहर सिलेंडर की माँग कर रही भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर हमला कर दिया.

घटना लखनऊ के तालकटोरा औद्योगिक इलाके की हैं, जहाँ आक्सीजन फैक्ट्री के बाहर खड़ी भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग के अफ़सरों को घेरकर उन्हें जलाने की कोशिश की. ऑक्सीजन के लिए लोगों ने फैक्ट्री को घेर रखा था. हालांकि घटना में अधिकारी किसी तरह बचकर भागने में सफल रहे और ज़िलाधिकारी व पुलिस कमिश्नर को पूरी जानकारी दी गयी.

हमले के बाद अधिकारी पीछे के रास्ते से भागने में कामयाब रहे. जान बचाकर भागे अफ़सरों ने पुलिस को सूचना दी. देर शाम तक सैकड़ों लोगों की भीड़ ने ऑक्सीजन फैक्ट्री को घेर रखा था. उत्तर प्रदेश की राजधानी सहित तमाम जिलों में ऑक्सीजन की ज़बरदस्त किल्लत चल रही है. हालांकि रविवार की रात केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रदेश में सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑक्सीजन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी है.

लघु उद्यम मंत्री व अपर मुख्य सचिव को ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले उद्योगों की निगरानी करने व आपूर्ति पर नज़र रखने को कहा गया है. ऑक्सीजन की कमी का आलम यह है कि दवा की दुकानों पर बिकने वाले छोटे सिलेंडर तक गायब हो गये हैं.

हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

सोमवार को कोरोना मामलों देखते हुए हाईकोर्ट ने लखनऊ और प्रयागराज ज़िला प्रशासन को इलाज के सभी बंदोबस्त करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने कोरोना के इलाज की दवाएँ ऑक्सीजन सिलेंडर सहित बाकी व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए हैं.

हाईकोर्ट ने लखनऊ, प्रयाग, गोरखपुर, कानपुर व वाराणीस में 26 अप्रैल तक लाकडाउन लगाने के भी निर्देश दिए हैं. हालांकि इसके जवाब में सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े है, और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है.

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का क़हर जारी है. सोमवार को ही प्रदेशभर में 28,200 नए कोरोना के मामले सामने आए हैं. पूरे प्रदेश में 24 घंटे में 167 मरीजों की मौत हो चुकी है. अकेले लखनऊ में करीब 5,800 नए मामले मिले हैं. सरकार की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक़, राजधानी लखनऊ में 24 घंटे में 22 मौतें हुईं हैं. इसके साथ ही लगातार बढ़ती जा रही गंभीर मरीजों की तादाद के लिए अस्पतालों में बिस्तर कम कम पड़ रहे हैं.

राजधानी लखनऊ में सोमवार को 96 और निजी अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया है. शासन के निर्देश पर लखनऊ ज़िला प्रशासन ने 96 निजी अस्पतालों की सूची जारी की गयी है. अब इन 96 निजी अस्पतालों में भी कोविड मरीज इलाज करा सकेंगे.

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में रजिस्टर्ड 96 अस्पताल कोविड इलाज के लिए भी अधिकृत कर दिए गए हैं. इस तरह अब तक राजधानी के 113 निजी अस्पतालों को कोविड इलाज के लिए अधिकृत किया गया है.

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