Priyanka Chaturvedi Kangana Ranaut

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने 1947 में मिली आजादी को लेकर जो बयान दिया है और कहा है कि वह आजादी नहीं बल्कि भीख थी, उसके बाद से ही राजनीति में उबाल आ गया है. तमाम पार्टियों के नेता कंगना रनौत के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

कंगना रनौत ने एक तरह से आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले उन बलिदानियों का अपमान किया है लेकिन बीजेपी के किसी भी बड़े नेता ने कंगना के बयान की निंदा नहीं की है. कंगना रनौत को कुछ दिन पहले ही सरकार ने पद्मश्री दिया है.

कंगना के बयान पर शिवसेना की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने पलटवार किया है उन्होंने ट्वीट किया है कि, मणिकर्णिका, झाँसी की रानी पर फ़िल्म बनाकर, पद्मश्री जीतकर उनका ही अपमान करनेवाली मैडम से पद्मश्री क्यों नहीं वापिस लिया जा रहा? आज़ादी का अमृत महोत्सव सही मायने में तब होगा जब स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने वालों को सबक़ सिखाया जाए ना की अवार्ड से नवाज़ा जाए.

इससे पहले एक और ट्वीट में प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा था कि, आज़ादी भीक में मिली बोलने वाली मोहतरमा को शायद देश की आज़ादी के लड़ने वालों के अपमान करने के लिए, महाराष्ट्र राज्य को बदनाम करने की कोशिश करने के लिए पद्मश्री से नवाज़ी गई हैं.

आपको बता दें कि कंगना बीजेपी की समर्थक मानी जाती है और बीजेपी के समर्थन में लगातार बयानबाजी करके सुर्खियां बटोर थी रहती हैं. कई बार वह देश के महापुरुषों का अपमान कर चुकी हैं, लेकिन बीजेपी के किसी बड़े नेता ने उनके बयानों की निंदा नहीं की है.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here