Rakesh Tikait Anjana Om Kashyap

1 साल तक चले किसान आंदोलन को खत्म करने का ऐलान हो चुका है. संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा भी कर दी है. 11 दिसंबर को दिल्ली की सीमाओं से आंदोलनकारी किसान हट जाएंगे.

सरकार की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को जो चिट्ठी मिली है उसके मुताबिक केंद्र सरकार ने किसानों को एमएसपी पर कानूनी गारंटी और पुलिस केस वापस लेने का आश्वासन दिया है.

गौरतलब है कि किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) भी इसकी मांग कर रहे थे. इस घोषणा के साथ ही राकेश टिकैत का पत्रकार अंजना ओम कश्यप के साथ एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अंजना ओम कश्यप (Anjana Om Kashyap) ने सवाल पूछा था- यह बताइए इस आंदोलन की क्या भूमिका रहेगी उत्तर प्रदेश के चुनाव में, क्योंकि विपक्ष तो लगातार कह रहा है कि चुनावी मजबूरी की वजह से यह कानून वापस लिए गए हैं. अब चुनाव में आपकी क्या भूमिका रहने वाली है?

अंजना ओम कश्यप के सवाल के जवाब में राकेश टिकैत ने कहा था कि हमने तो कहा है कि तीन चार महीने में तो सरकार ने बातचीत का मन बनाया है. अब यह आंदोलन समाधान की तरफ जा रहा है. जब चुनाव आएगा तो चुनाव की बात बाद में कर लेंगे. हम लोगों की क्या भूमिका रहेगी, यह जानने की ज्यादा जल्दी करने का कोई फायदा नहीं है.

राकेश टिकैत ने कहा था कि, हम लोगों को चुनाव लड़ना नहीं है. अब जिसको भी चुनाव मैदान में उतरना है वह अपना देखे. हम लोग अगर सरकार में बैठे बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नहीं बोलेंगे तो किसके खिलाफ बोलेंगे?

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि अगर हमारे बिजली बिल का भुगतान, गन्ना की कीमत की बात आएगी तो हम लोग योगी आदित्यनाथ से ही कहेंगे. अगर बीजेपी शासित राज्य में कांग्रेस के खिलाफ बोलेंगे तो क्या फायदा? हम लोग किसी पार्टी और व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, हम लोगों की लड़ाई अपने हक के लिए है. हमारी मांगे सिर्फ कानून वापसी को लेकर नहीं थी, हम लोगों को की मांग एमएसपी को लेकर भी थी.

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