Supriya Srinet ने याद दिलाया यह काबुल नहीं भारत है

0
Supriya Srinet

अफगानिस्तान पर जब से तालिबान का कब्जा हुआ है और जब से तालिबान ने काबुल में एंट्री की है तभी से भारत में कई तरह की बातें हो रही है. कुछ लोग तालिबान का समर्थन कर रहे हैं, कुछ लोग तालिबान का विरोध कर रहे हैं और अपने अपने तरीके से अपनी बात रख रहे हैं.

कुछ लोग तालिबान की आलोचना इसलिए कर रहे हैं क्योंकि जब अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन था उस समय तालिबान ने शरिया कानून लागू किया हुआ था. औरतों और लड़कियों के लिए आजादी खत्म कर दी गई थी. लड़कियों को पढ़ने की भी आजादी नहीं थी. किसी को भी कहीं पर भी मार दिया जाता था.

जब से अफगानिस्तान पर दोबारा से तालिबान का कब्जा हुआ है तभी से पूरे अफगानिस्तान और खास तौर पर काबुल से ऐसी तस्वीर है आ रही हैं जिसमें लोग भागते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस कोशिश में दिखाई दे रहे हैं कि जैसे तैसे वह अफगानिस्तान छोड़कर दूसरे देशों में चले जाएं. जो तस्वीरें आ रही हैं अफगानिस्तान से वह काफी भयावह है.

जिंदगी बचाने के लिए लोग अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं. लेकिन कुछ ऐसी ही तस्वीरें भारत में भी कुछ समय पहले देखी गई थी. जब कोरोना लोगों की जिंदगी निगल रहा था. लोग जहां थे वहां से भागकर अपने घरों को जाना चाहते थे, अपनों के पास जैसे-तैसे पहुंच जाने की आस में लाखों लोग पैदल ही निकल गए थे. कुछ ट्रकों पर चढ़े हुए थे.

कुछ लोग अपनों के पास पहुंच जाने की आस में कहीं साइकल से तो कहीं पैदल ही निकल गए थे, जिसमें कई लोग अपनी जान गवा बैठे. कुछ लोग पैदल ही निकल पड़े थे और रास्ते में ही दम तोड़ गए. कुछ लोग कहीं एक्सीडेंट में मारे गए और घर नहीं पहुंच पाए. इसी को लेकर कांग्रेस की तेजतर्रार प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Srinet) ने एक ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि, फ़र्ज़ी राष्ट्रवादियों, यह काबुल नहीं भारत है. यह प्रताड़ना भूलेंगे नहीं.

यह भी पढ़े- यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष srinivas bv ने सुशील मोदी के ट्वीट पर दिया मजेदार रिएक्शन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here