दुनिया ने उसे बस एक सेक्स सिंबल बना दिया

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Sergey Bubka

सर्गेई बुबका, पोल वॉल्ट की दुनिया का सबसे बड़ा नाम. इनके नाम का गूगल कीजिए. कुछ ही सेकंड में डेढ़ लाख से भी ज़्यादा रिजल्ट सामने होंगे.

पोल वॉल्ट की दुनिया से एक और नाम है एलिसन स्टोक. ऐसे शायद कुछ याद न आए, लेकिन एक बार इनका नाम भी सर्च कीजिए. चार लाख से अधिक रिजल्ट दिखेंगे और साथ ही दिखने लगेंगी वे तस्वीरें, जिसके बाद आपके मुंह से ख़ुद ब ख़ुद निकल जाएगा, ‘अरे! इसे तो मैंने पहले भी देखा है.

आप जिस तस्वीर को देख रहे हैं, वह इंटरनेट की दुनिया की सबसे सनसनीखेज तस्वीरों में शामिल है. शायद ही कोई ऐसा शख़्स हो, जिसने एक ऐथलेटिक्स इवेंट में वॉर्मअप के दौरान खींची गई उस ऐथलीट की फोटो में एक पोल वॉल्टर को देखा हो. लोगों ने उस तस्वीर को देखा सिर्फ उसकी खूबसूरती के लिए.

स्टोक एक उभरती प्रतिभा थीं, लेकिन पोल वॉल्ट में बड़ा नाम नहीं बना सकीं और इसके पीछे बहुत हद तक कारण वह वायरल तस्वीर ही रही. स्टोक की यह अनचाही तस्वीर साल 2007 में न्यू यॉर्क में एक स्कूल चैंपियनशिप के दौरान ली गई थी.

कैलिफोर्निया में अपने घर और माता-पिता से करीब दो हज़ार मील दूर इस इवेंट में भाग लेने पहुंचीं 17 साल की स्टोक की ज़िंदगी में आगे क्या होने वाला था, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं था. इस फोटो के वायरल होने के बाद उनके इर्द-गिर्द के लोगों का भी उन्हें देखने का नज़रिया बदल गया. घर से बाहर निकलने पर हर आंख स्टोक को ही घूरती. फोटोग्राफर्स हर वक़्त उनकी एक और सनसनीखेज तस्वीर अपने कैमरे में उतारने के लिए आसपास मंडराने लगे.

उनके नाम से इंटरनेट पर कई नई वेबसाइट्स खुल गईं. सोशल मीडिया पर कई फेक प्रोफाइल तैयार होने लगीं. हर जगह स्टोक को सेक्स सिंबल के तौर पर ही पेश किया गया. स्टोक ने 2004 में कैलिफोर्निया पोल वॉल्ट का खिताब जीता था. उन्होंने पोल वॉल्ट में पांच बार राष्ट्रीय रेकॉर्ड को बेहतर किया.

अपनी मेहनत के बूते अमेरिका की ओलिंपिक्स टीम में जगह बनाने के करीब पहुंचीं. लेकिन कहीं भी उनके खेल का ज़िक्र तक न हुआ. उनकी बतौर ऐथलीट सारी खूबियां एक फोटो की परछाई में छिप गई थीं. और यह सब महज कुछ दिन या कुछ महीने नहीं चला. आठ से 10 साल तक पोल वॉल्टर स्टोक की ज़िंदगी उस एक तस्वीर के साए में ही आगे बढ़ी.

शुरुआत में घर वाले और स्टोक ने समझा कि समय गुजरने के साथ लोग तस्वीर को भुला देंगे. लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि इस पर अब किसी का भी कोई नियंत्रण नहीं है. स्टोक ने एक बार कहा, शुरुआत में मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे शरीर को चुराकर इसे सार्वजनिक संपत्ति बना दिया गया है. मैंने कई सेक्सुअल कमेंट झेले. फिर भी मैंने यह बताने, समझाने और साबित करने की पूरी कोशिश की थी कि मेरे पास एक सुंदर चेहरे के अलावा भी कई खूबियां हैं.

लेकिन आखिरकार यह अहसास हुआ कि मुझे किसी को कुछ भी साबित करने की कोई ज़रूरत नहीं. और मैं अपने खेल पर दोबारा से फोकस करने लगी. स्टोक ने शायद हार मान ली थी, लेकिन उनके वकील पिता ने अपनी बेटी की पहचान को बाज़ार के हवाले करने से मना कर दिया. उन्होंने इस तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर हर क़ानूनी और गैरक़ानूनी पहलू की तहक़ीक़ात की. बदकिस्मती से इस मामले में वह कोई क़ानूनी दांव नहीं लगा पाए और न ही इंटरनेट पर फैली तस्वीर के लिए किसी को दोषी ठहरा सके.

स्टोक ने कहा था, पहले जब भी घर से दूर किसी इवेंट में भाग लेने जाने की बात होती तो मैं बहुत रोमांचित हो जाती, लेकिन इस घटना के बाद से मैं बहुत सहम गई. मैं जानने लगी कि हर वक़्त कोई कैमरा या किसी की निगाह मेरा पीछा कर रही होती है, जो सिर्फ मेरा जिस्म देखती है. किसी इवेंट में अपनी बारी आने पर मुझे यह लगने लगा कि वहां स्टेडियम में मौजूद हर कोई मेरे शरीर को देख रहा है.

एक ऐथलीट के नज़रिए से यह बहुत ही अपमानजनक है. हालांकि स्टोक ने फील्ड में अपना मन रमाया और अगले कई साल पोल वोल्ट में नई ऊंचाइयां हासिल करती रहीं. ख़ुद को एक ऐथलीट के तौर पर साबित करने की लड़ाई उन्होंने तब तक लड़ी, जब तक शरीर ने साथ दिया.

इन हालात और इस मानसिक पीड़ा से गुजरने वाली स्टोक कोई पहली और आखिरी ऐथलीट नहीं. भारत की ही टेनिस स्टार सानिया मिर्जा का उदाहरण हमारे सामने है. खेल जितनी ही सुर्खियां उन्होंने अपनी सुंदरता के लिए बंटोरीं. जब तक खूबसूरती के साथ-साथ खेल की भी तारीफ हो, मामला ऐथलीट के पक्ष में जाता है. जब लोगों की आंखें और कैमरे सिर्फ खूबसूरती पर ही टिक जाएं तो वहां एलिसन स्टोक की कहानी दोहरा दी जाती है.

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