बजट 2021 के ज़रिए कई राज्यों के चुनाव साधने की कोशिश

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Union-Budget-2021

क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 के ज़रिए कई राज्यों में होने वाले विधानसभाओं को साधने की कोशिश की है? क्या उन्होंने उन राज्यों की जनता को खुश करने के लिए जान बूझ कर ठीक चुनावों के पहले कुछ एलान किए हैं, जिनके बल पर बीजेपी को वहाँ चुनाव प्रचार में सुविधा होगी?

ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम पर ख़ास मेहरबानी दिखाते हुए उनके लिए कई अहम स्कीमों का एलान किया है. बता दें कि इन चारों राज्यो में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने को है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल में नए राजमार्ग बनाने की योजना का एलान किया.

इसके अलावा वित्त मंत्री ने कोलकाता के नज़दीक डानकुनी से फ्रेट कॉरीडोर बनाने का एलान किया. इसके अलावा राज्य के खड़गपुर से विजयवाड़ा तक एक अलग फ्रेट कॉरीडोर बनाया जाएगा. डे़डिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर सिर्फ मालगाड़ियाँ चलाई जाएंगी. फ्रेट कॉरीडोर बनाने से माल की ढुलाई तेज हो जाएगी. निर्मला सीतारमण ने कोलकाता-सिलीगुड़ी नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का ऐलान किया. इस परियोजना पर 25 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर हज़ारों किलोमीटर हाईवे बनाए जाएंगे. इसमें कोलकाता-सिलीगुड़ी रोड की मरम्मत का काम भी शामिल है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि पाँच फिशिंग हार्बर को आर्थिक गतिविधि के हब के रूप में तैयार किया जाएगा. तमिलनाडु में फिश लैंडिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत ज़्यादा निर्यात कर सके. इन तमाम परियोजनाओं पर पाँच लाख करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं. इसका सबसे ज़्यादा फ़ायदा तमिलनाडु को ही होगा, क्योंकि वहाँ बीते दिनों इस कारोबार में बढ़ोतरी हुई है.

कांग्रेस सांसद ने बीते दिनों तमिलनाडु के अपने दौरे पर टेक्सटाइल्स उद्योग का मुद्दा उठाया था और सरकार की तीखी आलोचना की थी. समझा जाता है कि राहुल गांधी की आलोचना को कुंद करने के लिए वित्त मंत्री ने टेक्सटाइल्स से जुड़ा एलान किया है. केरल में 1100 किलोमीटर लंबा नेशनल हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसी के साथ मुंबई-कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरीडोर का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना पर 65 हज़ार करोड़ रुपए खर्च होंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नेअसम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का ऐलान किया है.

‘नौकरीपेशा वालों को मायूसी’

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के तीसरे बजट से नौकरीपेशा लोगों को मायूसी हाथ लगी है. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि लोग कोरोना संकट की वजह से आयकर में छूट की उम्मीद लगाए हुए थे. वित्त मंत्री ने सिर्फ 75 से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटिजन्स को ही इसमें राहत देते हुए उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने से मुक्त कर दिया है. वित्‍त मंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की कि सरकार 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों पर पड़ने वाला दबाव कम करने जा रही है. उन्होंने कहा, 75 साल से अधिक के उन बुजुर्गों जिनकी आय का स्रोत सिर्फ पेंशन है, उन्‍हें अब इनकम टैक्‍स रिटर्न नहीं भरना होगा. वित्त मंत्री ने NRI लोगों को टैक्स भरने में होने वाली परेशानियों को द्खते हुए उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट देने का ऐलान किया है.

वित्‍त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए मुकदमेबाजी को और कम करने के लिए विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव बजट भाषण में किया है. ये समिति दक्षता, पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी. 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले व्‍यक्ति इस समिति के समक्ष जा सकेंगे.

कांग्रेस ने कहा- बिना रोडमैप वाला निराशाजनक बजट

मोदी सरकार के बजट 2021 को लेकर विपक्षी दलों ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने कहा है कि बजट पूरी तरह निराशाजनक है और इसमें वृद्धि और उपभोक्ता की मांग को बढ़ाने का कोई रोडमैप नहीं है. उन्होंने कहा, वित्त मंत्री को हिम्मत दिखानी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. इस वक़्त देश को एक मजबूत, मांग को बढ़ाने के लिए समाज के कमजोर वर्गों के बीच डायरेक्ट ट्रांसफ़र को बढ़ावा देने और रोज़गार को फिर से शुरू करने वाले बजट की ज़रूरत थी.

हालांकि उन्होंने बजट में वन नेशन, वन राशन कार्ड और स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च बढ़ाए जाने की तारीफ़ की. कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण सरकारी उधारी में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है और सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैं देश नहीं बिकने दूंगा. के नारे पर तंज कसते हुए कहा है कि सरकार रेल, सड़क, एयरपोर्ट, बिजली, किसानी, वेयरहाउस को बेच देगी लेकिन बातें देश नहीं बिकने देने की करेगी.

कई चीजें महंगी हो जाएंगी- ढेर सारी चीजों पर आयात शुल्क

कस्टम शुल्क- इस साल 400 चीजों पर छूट को रिव्यू करेंगे. मोबाइल उपकरण पर आयात शुल्क बढ़ाकर 2.5%. स्टील उत्पाद पर शुल्क घटाकर 7.5%. तांबे पर ड्यूटी घटाकर 2.5%. सोना-चांदी ड्यूटी घटाई गई. सोलर लैंप -ड्यूटी बढ़ाकर 20%. नॉयलोन यान पर घटी ड्यूटी चुनिंदा ऑटो पार्ट्स – ड्यूटी बढ़ाकर 15%. स्टील स्क्रू – ड्यूटी बढ़ी चुनिंदा चमड़ा उत्पाद – चुनिंदा खत्म कपास पर ड्यूटी बढ़ाई, बढ़ाकर 10% कृषि इंफ्रा विकास के लिए कुछ चीजों पर सेस.

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