Swatantra Dev Singh

बीजेपी के तमाम बड़े नेता है इस वक्त उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से लग चुके हैं. इसी सिलसिले में अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक है उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का मन टटोलने का काम शुरू कर चुके हैं. बीजेपी धार्मिक और ध्रुवीकरण की राजनीति के अलावा जातीय समीकरण साधने में भी पीछे नहीं है.

बीजेपी हर वर्ग का वोट मिल सके इसके लिए अलग-अलग रणनीतियां अपना रही है. इस बीच बीजेपी के नेताओं की तरफ से ऐसे कुछ बयान भी आ रहे हैं जिस पर काफी हंगामा हो रहा है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) की तरफ से भी ऐसा ही बयान दिया गया है जिस पर हंगामा होना ही था.

दरअसल स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप दलितों को समझाएं कि वह अपना वोट जाति और पैसों के बदले ना दे. बल्कि राष्ट्रवाद के नाम पर दें. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जो कहा है उसका मतलब यही हुआ है कि वह दलितों को राष्ट्रवाद सिखाना चाह रहे हैं.

जाति और पैसों के बदले वोट ना देना बिल्कुल सही बात है. लेकिन क्या दलित राष्ट्रवादी नहीं है उन्हें राष्ट्रवाद सिखाने की जरूरत है ऐसा कहना चाह रहे हैं उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष?

रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने भी इसको लेकर एक ट्वीट किया है उन्होंने लिखा है कि, स्वतंत्रदेव जी, दलितों के लिए आपकी ऐसी संकीर्ण मानसिकता? क्या दलित समाज में अपना नेता चुनने की समझ नहीं है? क्या दलित समाज राष्ट्रवादी नहीं है? जिन्ना, पाकिस्तान और तालिबान पर बहस करने वाली मुकेश अंबानी की मीडिया क्या इस पर बहस करेगी? यह बयान समस्त दलित समाज का घोर अपमान है.

सवाल यह भी उठ रहा है कि उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष क्या यह मानते हैं कि दलितों को पता नहीं है कि उन्हें किस आधार पर वोट देना है, किसे देना है? क्या दलित अपने अधिकारों को नहीं जानते हैं? दलितों के बारे में क्या सोच रखती है बीजेपी, इसी की झलक उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से दी गई है?

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