अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा का PM मोदी पर बड़ा हमला

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yashwant sinha modi

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने ई श्रीधरन के 88 साल की उम्र में बीजेपी में शामिल होने के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला है. NDTV पर उन्होंने एक ब्लॉग लिखा है, जिसमें सिन्हा ने लिखा है कि श्रीधरन के लिए बीजेपी ने पार्टी द्वारा बनाए गए नियम को ही तोड़ दिया है.

अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि 88 साल के श्रीधरन को पार्टी में शामिल करवा कर उन्हें केरल की राजनीति में उतारने की तैयारी चल रही है. निश्चित रूप से बीजेपी केरल में अपना झंडा गाड़ना चाहती है. जिसमें श्रीधरन उसके काम आ सकते हैं. वैसे भी श्रीधरन ने राज्यपाल बनने से इनकार कर दिया है. लेकिन मुख्यमंत्री के पद से उन्हें कोई परहेज नहीं है.

2014 में पार्टी की तरफ से उम्र का बहाना बनाकर लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मंत्री बनने और बाद में 2019 में चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था. दोनों ही नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया. हालांकि बीजेपी ने उसके बाद ही येदियुरप्पा को 75 साल से अधिक उम्र में कर्नाटक में मुख्यमंत्री बनाया था. इसका मतलब तो यही निकाला जा सकता है कि आडवाणी-जोशी को उनके चेले ने ही किनारे लगा दिया. इसके साथ ही दोनों नेताओं की राजनीति का भी अंत हो गया उनके चेले के द्वारा ही.

अकबर बैरम खां से की तुलना

पूर्व बीजेपी नेता ने लिखा है कि इस बात की तुलना अकबर बैरम खां की कहानी से की जा सकती है, लेकिन बैरम खां की तरह इन लोगों को दिल्ली से नहीं हटाया गया. उन्हें पूरी सुविधाओं और पूरी सुरक्षा के साथ सरकारी आवास में रहने की अनुमति दी गई है. हालांकि हाल के दिनों मेरी मुलाकात उन लोगों से नहीं हुई है. उम्मीद है कि वो लोग ठीक होंगे.

यशवंत सिन्हा ने लिखा है कि कुछ साल पहले जब नरेंद्र मोदी पार्टी में ताकतवर नहीं थे तब ऐसा नियम बना था कि दो बार से अधिक राज्यसभा, किसी को नहीं भेजा जाएगा. इसके तहत अरुण शौरी और शत्रुघन सिन्हा राज्यसभा जाने से वंचित रह गए थे लेकिन बाद में अरुण जेटली के लिए इस निमय को तोड़ा गया था.

पूर्व वित्त मंत्री ने लिखा है कि भारत में राजनीतिक दलों की तरफ से कई नियम बनाए ही जाते हैं तोड़े जाने के लिए. एक लोकतंत्र में कुछ बातों को जनता पर नहीं छोड़ सकते हैं? अब देखना रोचक होगा कि श्रीधरन बीजेपी को कितना लाभ दिलवा पाते हैं.

आपको बता दे कि केरल विधान सभा चुनाव की तैयारियों में भाजपा जी जान से लगी हुई है. इसके अलावा राहुल गांधी भी लगातार वहां दौरे कर रहे है. केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने पी विजयन की अगुवाई वाली सरकार पर मंगलवार को निशाना साधा.

राहुल गांधी ने इको-सेंसिटिव जोन या पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) पर केंद्र के मसौदा अधिसूचना पर केरल सरकार के रुख की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बफर जोन पर राज्य सरकार के इस रुख से वायनाड वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास रहने वाले लोगों की आजीविका को खतरे में डाल रहा है. ESZ, वायनाड वन्यजीव अभयारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्रों के आसपास एक बफर ज़ोन होता है.

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, बफर जोन पर केरल सरकार के रुख से वायनाड वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास के लोगों की आजीविका (रोजी-रोटी) खतरे में पड़ रही है. सरकार का यह कदम इन मेहनतकश लोगों को अनिश्चितता और पीड़ा के धूमिल भविष्य की ओर धकेला रहा है. सुरक्षात्मक कदम लिए जाने की तत्काल जरूरत है.

चुनावी राज्य केरल के दौरे पर आए राहुल गांधी ने सोमवार को वायनाड में ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लिया और कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि  कृषि एकमात्र व्यवसाय है जिसका संबंध ‘भारत माता’ से है. उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए सरकार को ‘मजबूर’ करें. केरल में सत्ताधारी वामदल और कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष दोनों कृषि कानूनों की आलोचना कर रहे हैं.

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