Hydroponics Farming: मिट्टी के बिना घर पर सब्जियां उगाकर शुरू करें अपना बिज़नेस

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Hydroponics Farming

एक्सपर्ट से सीखें, (Hydroponics) हाइड्रोपोनिक तकनीक से घर पर सब्जियां उगाकर कैसे शुरू कर सकते हैं अपना बिज़नेस.

जैसे-जैसे शहरों का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे अर्बन फार्मिंग का चलन बढ़ता जा रहा है. आजकल छत, बालकनी या किसी भी सीमित जगह का इस्तेमाल फल-सब्जियों की खेती में किया जा रहा है. सही तकनीक और कुछ अच्छे पोषक तत्वों का इस्तेमाल करके यह बड़ी आसानी से किया जा सकता है. ऐसी ही एक विदेशी तकनीक है

Hydroponics Farming.

दरअसल, हाइड्रोपोनिक का अर्थ है, “बिना मिट्टी के खेती करना”. आज तक हम मिट्टी और खाद को ही खेती के लिए जरूरी समझते थे. लेकिन इस तकनीक की मदद से, अब लोग बिना मिट्टी के ही कई सब्जियां उगा रहे हैं. वैसे हाइड्रोपोनिक, शहरी इलाको में खेती करने के लिए बिलकुल सही है. आप भी अपनी जगह के अनुसार इस तरह की खेती करके टमाटर, खीरा, ब्रोकली और कई पत्तेदार सब्जियां उगा सकते हैं. इतना ही नहीं, शहर में यह एक बेहतरीन बिज़नेस का अवसर भी है. आजकल लोगों को ताज़ी सब्जियां अपने पास की छत पर ही मिल जाएं, तो इससे अच्छा और क्या होगा? जयपुर में खेती से जुड़े अनिल थडानी लोगों के घरों में हाइड्रोपोनिक, वर्टिकल और टेरेस गार्डन लगाने में मदद करते हैं. चलिए उनसे जानें कि हाइड्रोपोनिक फार्मिंग की शुरुआत कैसे की जाए.

द बेटर इंडिया से बात करते हुए वह बताते हैं, “एक पौधे को बढ़ने के लिए सूर्य का प्रकाश और न्यूट्रिशन की जरूरत होती है, जो अगर पौधे को उपयुक्त मात्रा में मिलती रहे, तो हाइड्रोपोनिक फार्मिंग (Soil Less Farming) को छत पर या किसी भी जगह पर किया जा सकता है.”

इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होता है. इसमें पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों को पानी के सहारे सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है. इसके अलावा, इसमें पानी का उतना ही इस्तेमाल किया जाता है, जितनी जरूरत हो. पानी की सही मात्रा और सूरज के प्रकाश से पौधे अपना विकास करते हैं. इसमें अलग-अलग चैनल बनाकर पोषक तत्वों वाला पानी, पौधों तक पहुंचाया जाता है. वहीं, इसमें फसलों को 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के नियंत्रित तापमान पर लगभग 80 से 85 प्रतिशत ह्युमिडिटी में उगाया जाता है.

अनिल बताते हैं, “यह कम जगह में, ज्यादा उत्पादन करने के लिए सही तकनीक है. हाइड्रोपोनिक के लिए आजकल कई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. आपको जैसी सब्जी उगानी है, आप उस हिसाब से तकनीक अपना सकते हैं.”

किन चीजों की होगी जरूरत

मिट्टी रहित खेती को करने के लिए, आपको जरूरी पोषक तत्व, बालू, कंकड़, कोकोपीट, परलाइट आदि की आवश्यकता होती है. इसके लिए गमले, नाली युक्त टंकी, पाईप, बैग आदि का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा भी कुछ चीजे हैं, जिसकी जरूरत आपको पड़ सकती है.

जैसे-

  • एक PH मीटर की ज़रूरत होती है. ऐसी खेती के लिए पानी का तक़रीबन 5.5 से 6.5 तक का PH लेवल होना चाहिए.
  • TDS मीटर
  • अच्छी क्वालिटी के लिक्विड नुट्रिएंट्स लेना बहुत जरूरी है.
  • कवरिंग नेट या पॉली हाउस

हाइड्रोपोनिक की कुछ मुख्य तकनीकें हैं – wicking, Deep water culture (DWC), Nutrient film technique (NFT), Aeroponics आदि. अनिल का कहना है कि Deep water culture (DWC) और Nutrient film technique (NFT), ये दोनों ही तकनीकें बिज़नेस के लिए बिल्कुल सही हैं.

Deep water culture (DWC)

डीप वाटर कल्चर सिस्टम (DWC), एक सरल लेकिन काफी प्रभावी हाइड्रोपोनिक सिस्टम है. यह सस्ती भी है और इसे बनाना भी बेहद आसान है. इसमें पानी का सर्कुलेशन बिल्कुल कम होता है. एक कंटेनर में पोषक तत्वों वाला पानी होता है और उसमें सब्जियां उगाई जाती हैं. एक पंप की मदद से समय-समय पौधे के पॉट से हवा निकाली जाती है. इस तकनीक का उपयोग करके आप खीरा, टमाटर, चेरी जैसी सब्जियां आराम से लगा सकते हैं.

Nutrient film technique (NFT)

यह पत्तेदार सब्जियां उगाने के लिए सबसे सही तकनीक है. आप जिस भी कंटेनर में पौधे लगा रहे हैं, फिर चाहे वह PVC पाइप हो या गमला, इसमें आपको एक पानी की पाइप भी लगानी होगी. उसी पंप की मदद से पौधों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों वाला पानी पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है.जिसे चैनल भी कहा जाता है.

अनिल का कहना हैं कि इस तरह की व्यवस्था करने के लिए पानी सप्लाई से लेकर कवरिंग सिस्टम आदि का खर्च तक़रीबन 320 रु.प्रति वर्ग फ़ीट आता है. वहीं, अगर आप अपनी खेती करना सर्दियों में शुरू कर रहे हैं, तो तक़रीबन दो से तीन महीने बाद आपको फसल भी मिलने लगेगी. शुरुआत में यह थोड़ा महंगा जरूर लगेगा, लेकिन कुछ ही महीनों बाद आपको मुनाफा भी होने लगेगा.

हाइड्रोपोनिक फार्मिंग की कुछ अपनी चुनौतियां भी हैं, जिसका ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. चूँकि इसे पानी में उगाया जाता है, इसलिए इसमें फंगस लगने की संभावनाएं बहुत होती हैं. आप फंजीसाइड पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, इस तकनीक से खेती करने के लिए कंट्रोल्ड एनवायरमेंट की ज़रूरत होती है. इसलिए तापमान को सही रखना भी जरूरी है. इसमें नेट शेड या पॉली हाउस का उपयोग करना होता है. पानी का प्रवाह लगातार बना रहे इसके लिए बिजली की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.

हाइड्रोपोनिक फार्मिंग विधि को अपनाकर, आप अपने घर की छत पर सब्जियों की खेती करके अपने फार्मिंग बिज़नेस से बहुत अच्छी इनकम कर सकते हैं.

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