Madhya Pradesh civic elections 2022 result

मध्यप्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम के दूसरे चरण में भी शहरी क्षेत्रों में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता हुआ दिखाई दे रहा है. मुरैना, रीवा और कटनी सीटों पर महापौर का चुनाव बीजेपी हार गई है. खरगोन में ओवैसी की पार्टी और राजगढ़ में आपने खाता खोला है. मध्यप्रदेश में वोटों की गिनती के दूसरे और अंतिम चरण में 5 नगर निगमों में पड़े वोटों की गिनती आज की गई.

पांच निगमों में जो नतीजे आए हैं वह कांग्रेस के लिए बेहद उत्साहजनक है. कांग्रेस ने मुरैना और रीवा सीट को जीत लिया है. जबकि कटनी में बीजेपी के बागी उम्मीदवार ने सत्तारूढ़ दल बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों को हराया है. मुरैना सीट के परिणाम पर सबकी नजरें थी. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना से ही सांसद है.

मुरैना सीट बीजेपी हार गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तोमर की सीट पर पूरा जोर लगाया था. मगर सफलता नहीं मिली है. रीवा सीट को बीजेपी 22 सालों के बाद हारी है. इस क्षेत्र में बीजेपी के दिग्गजों का जमावड़ा है. विधानसभा के अध्यक्ष गिरीश गौतम इसी क्षेत्र से आते हैं. उनके अलावा भी कई बड़े नेता इस क्षेत्र से आते हैं. सबने मिलकर जो लगाया था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली है.

आज हुई वोटों की गिनती में 5 नगर निगमों में महापौर चुनाव के परिणाम में सत्तारूढ़ दल बीजेपी को 3 सीटों- मुरैना, रीवा और कटनी महापौर सीट का सीधा नुकसान हुआ है. जबकि पहले दौर में हुई मतों की गणना में 4 सीटों का बड़ा नुकसान हुआ था. पहले दौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर सीट पर महापौर का चुनाव बीजेपी हारी थी. साल 2015 के चुनाव में बीजेपी ने सभी 16 नगर निगमों में जीत हासिल की थी. इस बार उसे 7 सीट ही मिल पाई है.

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में पांच नगर निगम की तस्वीर साफ हो चुकी है. यहां दूसरे चरण में चुनाव हुए थे. कांग्रेस ने मुरैना और रीवा बीजेपी से छीन लिया है. बीजेपी के खाते में रतलाम और देवास की एक-एक सीट आई है. पिछले चुनाव में यह पांचों मेयर सीट बीजेपी को मिली थी. अगर साफ शब्दों में कहा जाए तो बीजेपी मालवा को छोड़कर विंध्य और चंबल में सीट नहीं बचा पाई है. हालांकि पांच और निगमों में वोट बीजेपी का ही बनना तय है.

आपको बता दें कि रायसेन नगर पालिका पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है. यहां स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के वार्ड में भी भाजपा हार गई है. वही बालाघाट में बीजेपी 18 वार्डो में जीत चुकी है, कांग्रेस को 11 वार्डों में जीत मिली है. 4 वार्डों में निर्दलीय जीते हैं. राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ नगर पालिका में भी कांग्रेस का कब्जा हो गया है. कांग्रेस के 9 और बीजेपी के चार्ट जीते हैं. निर्दलीय एक और आम आदमी पार्टी को 1 सीट मिली है. राजगढ़ दिग्विजय सिंह का गढ़ माना जाता है.

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