Lakhimpur scandal

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड (Lakhimpur scandal) ने एक बार फिर से पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा के बारे में. इस कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा जरूर किया कि उसने 24 घंटे के अंदर मामले को अपनी तहकीकात से सुलझा लिया, लेकिन उन दावों पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. यह सवाल परिवार वालों के हैं और तमाम पत्रकारों द्वारा उठाए गए हैं. मतलब जमीनी हकीकत जो है वह पुलिस थ्योरी से पूरी तरह मैच नहीं खा रही है.

आपको बता दें कि लखीमपुर में दोनों दलित बहनों का 24 घंटे बाद गुरुवार शाम 5 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया. इससे पहले परिजन नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर अड़े हुए थे, लेकिन प्रशासन के आश्वासन के बाद परिवार वाले मान गए. इससे पहले परिवार की मौजूदगी में दोनों बहनों के शव का पोस्टमार्टम किया गया. यह करीब 3 घंटे तक चला. तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, वीडियोग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंग रेप की पुष्टि हुई है. पहले गला दबाकर दोनों बहनों की हत्या की गई फिर फंदे पर लटका दिया गया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित के परिवार वालों को 25 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने का ऐलान किया है. साथ ही एक पक्का आवास एवं कृषि भूमि का पट्टा दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर 1 माह के भीतर दोषियों को उनके कृत की सजा दिलाई जाएगी. आपको बता दें कि दोनों बहनों के शव बुधवार शाम करीब 5 बजे एक पेड़ से लटके हुए पाए गए थे. एक 7वी और दूसरी 10वी की छात्रा थी.

परिवार की दलील क्या है?

मृतक लड़कियों की मां ने बताया है कि बड़ी बेटी 17 और छोटी 15 साल की थी. दोनों घर के बाहर बैठी हुई थी. इस बीच जब वह घर के अंदर गई तभी बाइक सवार तीन युवक आए. उन तीनों में से दो लड़कों ने बेटियों को घसीट कर बाइक पर बैठा लिया और फरार हो गए. उसके बाद दोनों बेटियों के शव पेड़ पर लटके मिले. आरोप यह है कि लड़कियों का पहले बलात्कार किया गया और फिर बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई. लेकिन मां की इस थ्योरी को पुलिस लगातार खारिज कर रही है. पुलिस जो एंगल दे रही है वहां पर आरोपी और पीड़ित के बीच पहले से जान पहचान थी.

इस पूरे मामले में लड़कियों के पिता ने बुधवार को कहा था कि मैं जब घर पहुंचा तो वहां कोई नहीं मिला. मैंने आसपास के लोगों से पूछा तो मुझे घटना के बारे में पता चला. मैं भी उधर की तरफ भागा, जिधर सब गए थे. वहां मेरी बेटीयों के शव पेड़ पर लटके हुए थे. गांव के ही एक लड़के ने अपहरण करके मेरी बेटियों की हत्या की है.

इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है. बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में कांग्रेस की 6 सदस्यों की टीम शुक्रवार को लखीमपुर जाने वाली है. आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक दल के लोग जा सकते हैं. समाजवादी पार्टी और बाकी दल योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी ऐसी घटनाएं देखने को मिली है. उत्तर प्रदेश में ऐसी वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. जबकि सरकार लगातार दावे कर रही है कि अपराध पर लगाम लगाई गई है.

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