Kamal Nath

मध्यप्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. कांग्रेस के बड़े नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) अपनी तैयारियों में लग गए हैं. नेताओं के पार्टी बदलने और गुटबाजी के कारण इस साल मध्यप्रदेश के स्थानीय चुनाव में कई प्रमुखों ने अपनी सीटें खो दी. ऐसे में राज्य कांग्रेस 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले सावधानी पूर्वक कदम बढ़ा रही है.

मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने राज्य के 52 जिलों में स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने का फैसला किया है, जो कि जिला स्तर पर प्रभारी और सह प्रभारी होंगे. यह चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि अपनी अपनी जिला इकाइयों को मजबूत करने का काम करेंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी नियुक्ति पर ध्यान रखेगी कि वह पार्टी के जिलाध्यक्ष अलग जाति से हैं.

पिछले हफ्ते भोपाल में पार्टी कार्यालय में संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आने वाले 1 साल के समय को अग्नि परीक्षा कहा था और कार्यकर्ताओं से मैदान में उतरने का आग्रह किया था. कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, हमें नरेंद्र मोदी शिवराज सिंह चौहान सरकार की विफलताओं को उजागर करना चाहिए.

कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार की तरफ से कई तरह के वादे किए गए थे, लेकिन राष्ट्रवाद के नाम पर वह मतदाताओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और वादों को पूरा नहीं किया.

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