Gautam Adani Group

गौतम अडानी ग्रुप (Gautam Adani Group) द्वारा एनडीटीवी के अधिग्रहण के बाद से ही मीडिया जगत में खलबली मची हुई है. जो एनडीटीवी अभी तक टीआरपी की होड़ से बाहर था, कहा जा रहा है कि अब दूसरे चैनलों की तरह इस चैनल में भी टीआरपी की होड़ लगेगी. रवीश कुमार को लेकर भी कई तरह के सवाल किए जा रहे हैं. हालांकि रवीश कुमार ने साफ कर दिया है कि वह इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल हो रहे हैं. पूछा जा रहा है कि क्या एनडीटीवी पहले की तरह ही रिपोर्टिंग करेगा या फिर कुछ बदलाव होगा?

सोशल मीडिया पर तमाम जानकार एनडीटीवी के अधिग्रहण पर अपनी अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि दरअसल गौतम अडानी को अपने विरुद्ध आने वाली खबरों को दबाना है और 2024 के चुनाव में माहौल प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में बनाना है. कल इंटरनेशनल एजेंसी फिंच ने भी अडाणी समूह की तरक्की पर सवाल खड़े किए हैं.

कहा यह भी जा रहा है कि अधिकतर मीडिया मुकेश अंबानी के अधीन है और वह अपने हिसाब से खबरें चलाते हैं. गौतम अडानी भी मीडिया के क्षेत्र में अपनी धाक जमाना चाहते हैं और वह ऐसा करने के लिए ही एनडीटीवी के जरिए मीडिया के क्षेत्र में आ रहे हैं. लेकिन सच्चाई क्या है इसके बारे में अभी पूरी जानकारी किसी के भी पास नहीं है. क्योंकि एनडीटीवी की तरफ से कहा गया है कि इस अधिग्रहण के बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी.

कई लोग गौतम अडानी द्वारा एनडीटीवी के अधिग्रहण को सही भी ठहरा रहे हैं. दरअसल एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय ने वर्ष 2008 में एक नई कंपनी RRPR होल्डिंग्ज प्राइवेट लिमिटेड बनाई थी और इंडिया बुल्स से 5002 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था फिर इसी कंपनी के जरिए उन्होंने एनडीटीवी के बहुत सारे शेयरों को खरीदा. इंडिया बुल्स के कर्ज को चुकाने के लिए “RRPR होल्डिंग्ज प्राइवेट लिमिटेड” ने आईसीआईसीआई बैंक से 375 करोड रुपए का ऋण लिया, जिसकी ब्याज दर 19% तय की गई यह बात अक्टूबर 2008 की है.

अगस्त 2009 में “RRPR होल्डिंग्ज प्राइवेट लिमिटेड” को एक और कंपनी “विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड” मिल गई जिसने आईसीआईसीआई का लोन चुकाने के लिए सहमति भर ली. लोन की शर्त यह थी कि ना चुकाने पर 350 करोड़ और ब्याज मिलाकर इक्विटी में बदल जाएगा. यहीं पर प्रणव रॉय के साथ गेम हो गया. कल पता चला कि गौतम अडानी ने विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड को ही खरीद लिया और इसके बूते वह 29% के मालिक बन बैठे हैं.

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