agricultural laws

2022 की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिहाज से मोदी सरकार के फैसले पर विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावों के डर से पॉलिटिकल फैसला लिया है मोदी सरकार ने. चुनाव में महज 5 से 6 महीने का वक्त बचा हुआ है. ऐसे में सवाल उठता है कि मुरझाया हुआ कमल कानूनों कि वापसी से खिल पाएगा?

अगले साल की शुरुआत में जिन पांच राज्यों में चुनाव है, उनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर शामिल है. इनमें से तीन राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की 75 फ़ीसदी से ज्यादा की इकोनॉमी कृषि पर आधारित है. इसका मतलब यह हुआ कि इन तीन राज्यों में सिर्फ किसान ही नहीं व्यापारी से लेकर मजदूर तक सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से खेती से जुड़े हुए हैं.

खासतौर पर पंजाब और उत्तर प्रदेश की राजनीति को कृषि से जुड़े फैसले बेहद प्रभावित करते रहें. उत्तर प्रदेश के अंदर 403 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से करीब 210 सीटों पर किसान ही जीत हार का फैसला करते हैं. इसी फैक्टर ने पिछले 1 साल से कृषि कानूनों पर अड़ियल रवैया अपनाकर बैठी मोदी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया. बीजेपी चुनावों तक किसानों को नाराज नहीं करना चाह रही है. खासतौर पर पश्चिमी यूपी में कृषि कानूनों को लेकर बनी नाराजगी ने अहम भूमिका निभाई है.

पश्चिमी यूपी के जाट समुदाय ने बीजेपी को यूपी और केंद्र में सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. किसान आंदोलन में दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर सबसे ज्यादा जाट समुदाय के ही किसान बैठे दिखाई दिए हैं. इसके अलावा पश्चिमी यूपी के अंदर ही बागपत और मुजफ्फरनगर है, जो जाटों का गढ़ है. किसान आंदोलन की अगुवाई कर रही एक तरह से भारतीय किसान यूनियन का गढ़ भी मुजफ्फरनगर है.

पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से 40 अर्बन, 51 सेमी अर्बन और 26 रूरल सीट है. रूरल के साथ सेमी अर्बन विधानसभा सीटों पर किसानों का वोट बैंक हार जीत का फैसला करता है. यानि 117 में से 77 सीट पर कृषि कानूनों की वापसी प्रभाव डाल सकती है.

मोदी सरकार द्वारा कृषि कानूनों की वापसी का फैसला पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है, ऐसा सभी लोगों का मानना है. जिसमें उत्तर प्रदेश का विधान सभा चुनाव और पंजाब का विधानसभा चुनाव प्रमुख है. अब देखना यह होगा कि मोदी सरकार के फैसले से किसान कितना मोदी सरकार के समर्थन में या बीजेपी के समर्थन में वोट करता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here